आगामी लोकसभा चुनावों का असर बाजार से लेकर त्योहार तक दिखने लगा है। इस बार तो रंगों के त्योहार पर भी चुनाव का रंग चढ़ गया है। बाजार में इन दिनों होली के रंग-गुलाल आगामी चुनावों की थीम के हिसाब से बिक रहे हैं।
होली के अनोखे अंदाज के लिए मशहूर आगरा, मथुरा और ब्रज क्षेत्र में दुकानदार कहीं भाजपा का केसरिया गुलाल बेच रहे हैं, तो कहीं बसपा का नीला रंग। अखिलेश यादव की पार्टी सपा का लाल गुलाल भी खरीदारों को खूब आकर्षित कर रहा है। कांग्रेस को दर्शाता गुलाल भी डिमांड में है।
दुकानदारों का मानना है कि इस बार होली के दौरान बाजार में केसरिया और नीले गुलाल की कमी हो सकती है इसलिए भारी मात्रा में राजनीतिक दलों के रंगों का संकेत देते गुलाल के ऑर्डर पहले ही दे दिये गए है।
इन राजनीतिक रंगों के साथ ही चुनावी पिचकारियां भी लोगों को खूब भा रही हैं। 50 से 200 रुपए में उपलब्ध नेताओं की फोटो वाली पिचकारियों की बिक्री सिर चढ़ कर बोल रही है। इसके साथ ही राजनेताओं की फोटो वाले रंगीन गुब्बारे और मास्क भी डिमांड में हैं।
अच्छी बात यह है कि चुनावी रंग चढ़ जाने के कारण पिछले साल के मुकाबले इस बार रंगों के कारोबार में मुनाफे की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। हालांकि होली तो बीत जाएगी, मगर अब देखना यह होगा कि जनता पर चुनावों तक किसका रंग चढ़ा रह जाता है और किसका फीका पड़ जाता है।