लोकसभा चुनाव में एनडीए-भाजपा के स्टार प्रचारक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रवाद की काट के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक नया तरीका खोजा है। अंतिम चुनावी हथियार के तौर पर कांग्रेस अब मोदी के राष्ट्रवाद को इंदिरा गांधी की मारक क्षमता से टक्कर देगी। चूंकि अभी तक मोदी ने अपनी रैलियों में सेना, पुलवामा, सर्जीकल स्ट्राइक और घुस कर मारा, जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते रहे हैं। कांग्रेस ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानकर इसकी शिकायत चुनाव आयोग को दी। वहां से भी मोदी को क्लीन चिट मिल गई। राहुल गांधी ने इस बाबत चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठा दिया। किसी भी तरह से मोदी के राष्ट्रवाद की काट कांग्रेस को नहीं मिल पा रही थी। अब कांग्रेस पार्टी ने इंदिरा गांधी की मारक क्षमता और नेहरु की विकास नीति को आगे रखकर मोदी के राष्ट्रवाद का जवाब देने की तैयारी की है। इसके लिए पार्टी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरु किया है।
मोदी का मुकाबला करने के लिए कांग्रेस पार्टी को अपने प्रचार अभियान की कई बार दिशा और विषय बदलने पड़े हैं। पिछले साल सितंबर से पार्टी ने मोदी के खिलाफ 'राफेल' को प्रमुख मुद्दा बनाया था। चूंकि यह मामला अदालत पहुंच गया, इसलिए विभिन्न पड़ाव पर कांग्रेस को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। दूसरी ओर, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद एनडीए के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रवाद को इतना ऊपर पहुंचा दिया, जिससे कांग्रेस पार्टी अपने प्रचार पर दोबारा से विचार करने के लिए मजबूर हो गई।
पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में न्याय योजना के तहत गरीब परिवारों के खाते में हर वर्ष 72 हजार रुपये और अगले एक साल में 22 लाख नौकरियां देने की बात कही। इससे कांग्रेस को थोड़ी राहत मिली। पार्टी ने 'अब होगा न्याय' को घर-घर तक पहुंचा दिया। इस बार सोचने की बारी भाजपा की थी। मोदी ने एक बार फिर राष्ट्रवाद को गति दे दी। अपनी ताबड़तोड़ रैलियों में उन्होंने राष्ट्रवाद पर खुलकर बोलना शुरू कर दिया। पार्टी के दूसरे नेता भी इसी लाइन पर आ गए।
इंदिरा गांधी के सामने पाकिस्तान ने जो घुटने टेके थे, लगता है भाजपा भूल गई
कांग्रेस पार्टी ने सोमवार से सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू कर दिया है। इसमें मोदी के राष्ट्रवाद की काट के लिए इंदिरा गांधी की मारक क्षमता और कड़े फैसलों को जनता के सामने रखा गया है। पार्टी ने इसके लिए बाकायदा वह फोटो भी जारी किया है, जिसमें 1971 की लड़ाई के बाद पाकिस्तान के सेना अध्यक्ष और 90 हजार से ज्यादा सैनिकों ने भारत के सामने घुटने टेक दिए थे।
कांग्रेस नेता शशि थरुर ने लिखा, मोदी को याद नहीं है कि 1971 में पाकिस्तान ने किस तरह से भारत के सामने सरेंडर कर दिया था। पार्टी के दूसरे नेता नवजोत सिंह सिद्धू का कहना है कि देश में 2014 के बाद कितने आतंकी हमले हुए हैं, बच्चा-बच्चा जानता है।
दूसरी तरफ कहते हैं, कुछ हुआ ही नहीं है। मोदी जी झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं। खैर कोई बात नहीं, अब उनके झूठ बोलने के दिन कम ही बचे हैं। 23 मई को आने वाले नतीजे मोदी जी के झूठ का पर्दाफाश कर देंगे।
नेहरू, अंतरिक्ष, इंटरनेट, सूचना का अधिकार और कई दूसरे काम याद कराए
कांग्रेस ने अपने अधिकारिक टवीटर हैंडल के जरिए '70 साल बदलाव' की याद दिलाई है। इसमें देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान भारत के बदलाव के बेहतरीन पलों को याद किया गया है।
अंतरिक्ष यान, बांग्लादेश की स्थापना, हॉकी और क्रिकेट में मिला गौरव, मेट्रो, हरित क्रांति, नेहरू की दूरदर्शिता वाला आईआईटी प्रोजेक्ट, इंटरनेट सेवा, 'सूचना, काम, शिक्षा, भोजन का अधिकार', योजना आयोग, उदारीकरण की नीति और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में लोहा मनवाना, आदि योजनाओं को गिनाया गया है। कांग्रेस पार्टी के सभी नेताओं से कहा गया है कि वे ‘मैं हिंदुस्तान हूँ’ टैग से इसे लोगों के साथ सांझा करें।