मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्वीकार किया है कि VVPAT और ईवीएम की डिलीवरी में देरी हुई है। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि नवंबर तक बाकी बचे VVPAT मशीनें मिल जाएंगी। उन्होंने कहा कि डिलीवरी में केवल डेढ़ महीने की देरी होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि दो कंपनियों को आपूर्ति के लिए ऑर्डर दिया गया था। इनमें से एक कंपनी सात नवंबर और दूसरी कंपनी 15 नवंबर तक मशीनों की आपूर्ति कर देगी।
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने कहा था कि निर्वाचन आयोग को सितंबर 2018 तक 40 लाख VVPAT मशीनें और ईवीएम मिले जाएंगी, जिनका इस्तेमाल 2019 के आम चुनावों में होगा। केंद्र सरकार ने निर्वाचन आयोग को 40 लाख मशीनें खरीदने के लिए पांच हजार करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। उन्होंने कहा था, "2019 के चुनावों के लिए हमें 23 लाख से ज्यादा ईवीएम और 16 लाख वीवीपैट मशीनों की जरूरत है।"
VVPAT मामले में अब तक क्या हुआ
| 19 अप्रैल 2017 |
2019 चुनावों के लिए 16.15 लाख VVPAT मशीन खरीद के लिए स्वीकृति |
| 24 अप्रैल 2017 |
सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने कहा- BEL, ECIL सितंबर 2018 तक डिलीवर करेगा |
| 6 सितंबर 2017 |
BEL, ECIL के साथ चुनाव आयोग की समीक्षा बैठक |
| 19 सितंबर 2017 |
चुनाव आयोग ने ECIL का आधा ऑर्डर BEL को दिया |
| 8 दिसंबर 2017 |
चुनाव आयोग ने रक्षा मंत्रालय, परमाणु ऊर्जा विभाग से समय पर काम पूरा न होने की आशंका जताई |
| 18 दिसंबर 2017 |
चुनाव आयोग से अधिकारियों ने कहा- स्थिति से और बेहतर निपटा जा सकता था |
| 31 मार्च 2018 |
ECIL लक्ष्य से चूका, बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट की डिलीवरी नहीं |
| 31 मार्च 2018 |
केवल 53,500 VVPAT की डिलीवरी हुई |
| 31 मार्च 2018 |
BEL ने 1.4 लाख बैलेट यूनिट, 1.4 लाख कंट्रोल यूनिट, 2.24 लाख VVPAT की डिलीवरी दी |
| 17 अप्रैल 2018 |
समीक्षा बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा- ECIL के प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ |
| 5 जून 2018 |
चुनाव आयोग की BEL, ECIL के साथ समीक्षा बैठक, नाखुशी जताई |