भाजपा ने कई वरिष्ठ नेताओं जैसे शांता कुमार, बी सी खंडूरी और करिया मुंडा को चुनाव में नहीं उतारा है। इसे मोदी और शाह के नेतृत्व में पार्टी की युवा नेताओं को उनके स्थान पर तैयार करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। इन नेताओं में से कुछ ने आगामी चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जतायी थी।
उमा भारती ने कहा कि एक निश्चित आयु से अधिक के नेताओं को चुनावी टिकट नहीं देने के बारे में कोई एक नीति नहीं हो सकती और उन्होंने कहा कि पार्टी ने कई युवा सांसदों को भी इस बार टिकट नहीं दिया है। 59 वर्षीय उमा भारती स्वयं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रही हैं और उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इस इच्छा से काफी समय पहले पार्टी को अवगत करा दिया था।
उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा गंगा नदी के किनारे 18 महीने की पैदल यात्रा पर जाने की है। भारती को शनिवार को पार्टी उपाध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने साथ ही विश्वास जताया कि मोदी प्रचंड जीत के साथ प्रधानमंत्री के तौर पर वापसी करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भगवान से प्रार्थना कर रही हूं कि मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनें। इससे देश और गरीबों को काफी भला होगा।’’