फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर्मी चीफ रावत बोले- सेना में हो रही राजनीति की घुसपैठ, अधिकारियों को भी दी नसीहत

Thu, 07 Dec 2017 07:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सेना के राजनीतिकरण को लेकर आगाह किया है। जनरल रावत ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से सेना के राजनीतिकरण की कोशिश हो रही है। किसी खास घटना, व्यक्ति या सरकार का नाम लिए बिना सेना प्रमुख ने कहा कि जीवंत लोकतंत्र को बहाल रखने के लिए सेना को किसी भी हालत में राजनीति से दूर रखना होगा।
विज्ञापन


यह भी पढ़ेंः आर्मी चीफ बिपिन रावत बोले- जंग का तरीका बदला, बॉर्डर पर चलानी होंगी बख्तरबंद गाड़ियां

बुधवार को दिल्ली में यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में जनरल रावत ने कहा कि सेना धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के साथ काम करती है। एक वक्त था जब सेना के भीतर आम बातचीत में महिला और राजनीति की कोई जगह नहीं थी। पिछले कुछ दिनों से यह दोनों विषय धीरे-धीरे अपनी जगह अख्तियार कर रहे हैं। इससे बचना जरूरी है।

यह भी पढ़ेंः पहली बार एक साथ ज्वाइंट ट्रेनिंग करेंगी भारत की तीनों सेनाएं

उन्होंने कहा, सेना का राजनीतिकरण देश के लोकतांत्रिक ताने बाने के लिए किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। सेना को राजनीति से लंबी दूरी बनाकर रखनी होगी। 
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

जनरल ने की मांग, सेना को राजनीति से दूर रखा जाए

- फोटो : AmarUjala
जनरल रावत ने कहा कि सेना तब अपना काम उत्तम तरीके से करती है, जब उसे राजनीति से पूरी तरह दूर रखा जाए। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जब भी किसी मुद्दे को सेना की किसी संस्था या अधिकारी से जोड़ने की कोशिश होती है तो सभी को सतर्क हो जाना चाहिए।

वन रैंक वन पेंशन, पदोन्नति में सैन्य अधिकारियों का अफसरशाही के साथ टकराव और इस संबंध में सरकार के रुख को लेकर राजनीतिक दलों और सेना में काफी गहमागहमी रही है। 

दो वरिष्ठ अधिकारियों पर वरीयता देकर जनरल रावत को सेना प्रमुख बनाए जाने के मोदी सरकार के फैसले पर भी राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठाए गए थे। वहीं रणनीतिकार सर्जिकल स्ट्राइक जैसे सेना के पेशेवर काम के राजनीतिक महिमा मंडन से भी बचने की सलाह देते रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें