सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सेना के राजनीतिकरण को लेकर आगाह किया है। जनरल रावत ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों से सेना के राजनीतिकरण की कोशिश हो रही है। किसी खास घटना, व्यक्ति या सरकार का नाम लिए बिना सेना प्रमुख ने कहा कि जीवंत लोकतंत्र को बहाल रखने के लिए सेना को किसी भी हालत में राजनीति से दूर रखना होगा।
यह भी पढ़ेंः आर्मी चीफ बिपिन रावत बोले- जंग का तरीका बदला, बॉर्डर पर चलानी होंगी बख्तरबंद गाड़ियां
बुधवार को दिल्ली में यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में जनरल रावत ने कहा कि सेना धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के साथ काम करती है। एक वक्त था जब सेना के भीतर आम बातचीत में महिला और राजनीति की कोई जगह नहीं थी। पिछले कुछ दिनों से यह दोनों विषय धीरे-धीरे अपनी जगह अख्तियार कर रहे हैं। इससे बचना जरूरी है।
यह भी पढ़ेंः पहली बार एक साथ ज्वाइंट ट्रेनिंग करेंगी भारत की तीनों सेनाएं
उन्होंने कहा, सेना का राजनीतिकरण देश के लोकतांत्रिक ताने बाने के लिए किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। सेना को राजनीति से लंबी दूरी बनाकर रखनी होगी।