हिंसक घटनाओं के कारण भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को 2017 में 80 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। यह नुकसान प्रति व्यक्ति के आधार पर 40 हजार रुपये से अधिक है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (आईईपी) ने 163 देशों में खरीद क्षमता के (पीपीपी) आधार पर किए अध्ययन की रिपोर्ट पेश की है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2017 में हिंसा से भारत को जीडीपी के नौ फीसदी के बराबर नुकसान हुआ। इस दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था को 14.76 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ। यह वैश्विक जीडीपी का 12.4 फीसदी है। प्रति व्यक्ति के हिसाब से यह 1,988 डॉलर है। आकलन में हिंसा के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष असर समेत दूसरे आर्थिक प्रभावों को भी शामिल किया गया है।
आईईपी ने खरीद क्षमता के आधार पर 163 देशों का आकलन किया
ज्यादातर संघर्ष हिंसा में नहीं होते हैं तब्दील
रिपोर्ट कहती है कि बीते एक दशक में आतंकी गतिविधियों, मध्य एशिया में संघर्ष, पूर्वी यूरोप व पूर्वोत्तर एशिया में क्षेत्रीय तनाव और यूरोप-अमेरिका में राजनीतिक तनाव के कारण शरणार्थी संकट से अशांति बढ़ी। रिपोर्ट के मुताबिक, इंसान को हर रोज घर, काम, दोस्तों के बीच संघर्ष का सामना करना पड़ता है। जातीय, धार्मिक और राजनीतिक समूहों के बीच संघर्ष अधिक व्यवस्थित तरीके से होता है। इनमें अधिकांश संघर्ष हिंसा में नहीं बदलते है।
प्रति व्यक्ति के आधार पर 2017 में भारत में 40 हजार रुपये की क्षति
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सबसे खराब देश
रिपोर्ट में एशिया-प्रशांत क्षेत्र को दुनिया का सबसे शांत क्षेत्र बताया गया है। इस दौरान क्षेत्र में पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में सुधार हुआ, लेकिन अपराध, आतंकवाद, राजनीतिक अस्थिरता ने हालात बिगाड़े। दक्षिण एशिया के लिए रिपोर्ट कहती है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान दो सबसे खराब देश हैं। इनकी स्थिति ज्यादा खराब हुई है। बांग्लादेश और म्यांमार में भी तनाव है। डोकलम मसले पर भारत-चीन के बीच तीन महीने तक तनाव रहा।
वैश्विक आर्थिक प्रभाव 2.1 फीसदी बढ़ा
रिपोर्ट में कहा गया है कि आंतरिक सुरक्षा खर्च में वृद्धि से हिंसा का वैश्विक आर्थिक प्रभाव 2016 के मुकाबले 2017 में 2.1 प्रतिशत बढ़ा है। सीरिया को 2017 में हिंसा से जीडीपी के 68 फीसदी के बराबर नुकसान हुआ है। अफगानिस्तान के जीडीपी को 63 फीसदी, इराक को 51 फीसदी का नुकसान हुआ। अन्य दस सर्वाधिक प्रभावित देशों में अल सल्वाडोर, दक्षिण सूडान, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, साइप्रस, कोलंबिया, लेसोथो और सोमालिया हैं।