आर्थिक मोर्चे पर तमाम चुनौतियों का सामना कर रही मोदी सरकार को अब एक और झटका लग सकता है, आगामी वित्त वर्ष में देश की जीडीपी दर में कमी के संकेत मिल रहे हैं, इसकी संभावना खुद सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जताई गई है।
एएनआई की खबर के अनुसार मंत्रालय की ओर से दिए गए आंकडों में बताया गया है कि आगामी वित्त वर्ष 2017-18 में जीडीपी की दर मात्र 6.5 फीसदी रह सकती है, जोकि बीते साल की 7.1 दर से काफी कम है।
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सरकार के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है क्योंकि आर्थिक मोर्चे पर लगातार उसे कई चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है, नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद से लगातार घरेलू उत्पादन में कमी आई है। जिसके चलते रोजगार भी घटे हैं और उत्पादन भी, ऐसे में ये खबर उसके लिए और चिंताजनक हो सकती है।