अदालत ने आरोपी वकील गौतम खेतान से काला धन व मनी लांड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए सोमवार को पांच दिन की रिमांड और बढ़ा दी है। एजेंसी ने कहा खेतान से उनके खाते में आए 11 करोड़ यूरो व डॉलर के स्रोत के बारे में पूछताछ करनी है। आयकर विभाग द्वारा काला धन (विदेशी अघोषित संपत्ति व आय) व कराधान अधिनियम 2015 के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने काला धन व धन शोधन अधिनियम(मनी लांड्रिंग) का केस दर्ज किया है।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष सोमवार को गौतम खेतान को दो दिन के रिमांड के बाद पेश करते हुए ईडी ने सात दिन रिमांड बढ़ाने आग्रह किया। एजेंसी ने कहा कि खेतान पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके खाते में 11 करोड़ से ज्यादा यूरो व डॉलर आए थे, लेकिन वह यह नहीं बता रहे हैं कि यह कहां से और कैसे आए। उनके हाथ का लिखा एक कागज भी है, जिसे पहचानने से वह अब इंकार कर रहे हैं।
एजेंसी ने खेतान पर आरोप लगाया कि उसने अवैध तरीके से कई विदेशी खाते खोल रखे हैं और उनमें काला धन है। इसके अलावा आरोपी की विदेश में अघोषित संपत्ति है। दूसरी ओर खेतान के वकील पीके दुबे ने एजेंसी की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल पर अगस्ता वेस्टलैंड चौपर डील मामले में किसी का नाम लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोपी का रिमांड केवल बरामदगी और साक्ष्यों के लिए दी जा सकती है। इस मामले में एजेंसी के पास दस्तावेज भी हैं। अब ऐसे हालात में आरोपी का रिमांड नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।