गोरक्षकों के खिलाफ पीएम नरेंद्र मोदी का बयान आने के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भी व्हिप जारी कर दिया है कि गोरखधंधों में शामिल गोरक्षकों को बख्शा नहीं जाए, उनके खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन कोई कोताही न बरते। ममता ने यह आदेश गृहमंत्रालय से जारी हुई एडवाइजरी के बाद दिया है। लेकिन दिलचस्प बाद यह है कि सूबे में गोरक्षकों ने खुद को 'गो विकाशक' बताना शुरू कर दिया है।
पश्चिमी मिदनापुर में पुलिस ने एक गोरक्षक दल के खिलाफ सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने के आरोप में केस दर्ज किया है। बीते दो हफ्तों में गोरक्षक दल ने दो सम्मेलन आयोजित किए थे। इन कार्यक्रमों को 31 जुलाई और 7 अगस्त की तारीख में दो जिलों में आयोजित किया गया था। राज्य में गोरक्षक समिति के अध्यक्ष सुब्रत गुप्ता ने बताया कि वह कभी गोरक्षक नहीं रहे, वह गो विकाशक हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पास गायों की सुरक्षा करने का अधिकार नहीं है। वे बिना हथियार वाली संस्था हैं। गुप्ता की मानें तो वह गायों का विकास करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके संगठन को गो विकाशक कहते हैं, जिसे गउ विकास प्रकाष्ठ का नाम दिया गया है। गुप्ता के मुताबिक उनके दल के लोग एक गैर सरकारी संस्था के सदस्य हैं, जिनका काम गायों का विकास करना है।
गुप्ता की मानें तो वे पीएम मोदी की बात और गृहमंत्रालय की एडवाइजरी से अवगत हैं, लेकिन वे डरे नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उनके गो विकाशक दल ने कुछ भी गलत नहीं किया है, उन्होंने किसी को चोट नहीं पहुंचाई है। हालांकि गुप्ता ने यह बात स्वीकारी कि वेस्ट मिदनापुर में पुलिस ने उनके लोगों को परेशान किया था।