इस साल अब तक देशभर से लगभग 65 लाख तीर्थयात्रियों ने गंगासागर का दौरा किया और गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम में पवित्र डुबकी लगाई। दुखद यह है कि इस दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनमें से एक की मौत दिल का दौरा पड़ने से, जबकि दूसरे की मौत हादसे के कारण हुई।
बंगाल के मंत्री अरूप बिस्वास ने कहा, मकर संक्रांति के अवसर पर सोमवार को लाखों श्रद्धालुओं के यहां आने की उम्मीद है। इसके लिए सागर द्वीप में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। राज्य पुलिस के अलावा, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और तटरक्षक बल के जवान हर आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। मंत्री, ने कहा, इस उत्सव का खर्च 265 करोड़ से अधिक आने का अनुमान है। अकेले राज्य सरकार के लिए इसे वहन करना मुश्किल है। उन्होंने केंद्र से अपील की कि यदि वह इसको राष्ट्रीय मेले के रूप में मान्यता देता है, तो अधिक विकासात्मक कार्य किए जा सकते हैं।
पुण्य स्नान का समय
हृषिकेश पंजिका के अनुसार, मकर संक्रांति पर पुण्य स्नान का शुभ 'समय सोमवार को 12.13 बजे शुरू होगा और अगले 24 घंटों तक जारी रहेगा। हालांकि, कुछ भक्तों ने महाबीर पंजिका का भी पालन किया, जिसके अनुसार, पवित्र स्नान रविवार सुब्रह 8.42 • बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक जारी रहा।
ये किए गए हैं इंतजाम
- काकद्वीप में लॉट 8 पर एक नया स्थायी घाट बनाया गया है।
- तीर्थयात्रियों को पार करने के लिए 22 घाटों का उपयोग किया जा रहा है।
- आवाजाही के लिए 2,500 बसें, 6 बार्ज, 38 जहाज और 100 लॉन्च की व्यवस्था की गई है।
- घने कोहरे में सुरक्षित पार कराने के लिए मुरीगंगा नदी पर बिजली टावरों और घाटों पर शक्तिशाली एंटी-फॉग लाइटें लगाई गई हैं।
- सुरक्षा के लिए 14 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
- 18 एंटीक्राइम पेट्रोलिंग टीमें, 18 फुट पेट्रोलिंग टीमें, 43 वॉच टावरों के माध्यम से सात समन्वय टीमें।
- 548 ड्रॉपगेट के माध्यम से भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था।
- 2,400 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक और जल रक्षक।
- 19 विशाल स्क्रीन और 8 एलईडी वैन लगाई गई हैं।
- ई-दर्शन और ई-स्नान भी उपलब्ध है।