सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी 2005 से लेकर 2014 तक 18 बार गैर-बीआर वाहन में बैठकर देश के विभिन्न हिस्सों में गए थे। 2015 से 2019 तक वे दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर 1892 बार गए थे। इनमें से उन्होंने 247 बार गैर-बीआर वाहन में यात्रा की है। इसके अलावा राहुल गांधी ने मोटर वाहन अधिनियम और सुरक्षा सलाह के प्रावधानों का उल्लंघन कर कुछ अवसरों पर वाहन की छत पर बैठकर यात्रा की थी।
चार अगस्त 2017 को बनासकांठा (गुजरात) में अपनी यात्रा के दौरान, जब वे एक गैर-बीआर कार में यात्रा कर रहे थे, तब वहां एक पथराव की घटना हुई थी। इसमें एसपीजी पीएसओ घायल हो गया था। अगर वह गाड़ी बुलेट प्रूफ होती तो पीएसओ को चोट से बचा जा सकता था। राहुल गांधी ने अप्रैल 2015 से जून 2017 के बीच अपनी 121 यात्राओं में से 100 अवसरों पर एसपीजी के बीआर वाहनों का लाभ नहीं उठाया।
1991 के बाद अब तक की कुल 156 विदेशी यात्राओं में से उन्होंने 143 यात्राओं पर एसपीजी अधिकारियों को साथ नहीं लिया। इन 143 विदेशी यात्राओं में से अधिकांश यात्राओं का कार्यक्रम उन्होंने अंतिम समय पर एसपीजी के साथ साझा किया।
सोनिया गांधी ने 2015 से मई 2019 तक नई दिल्ली में यात्रा के दौरान 50 अवसरों पर एसपीजी बीआर वाहन का उपयोग नहीं किया। पिछले पांच वर्षों में उन्होंने देश के विभिन्न स्थानों पर 13 अनिर्धारित यात्राएं कीं, जिसके दौरान उन्होंने गैर-बीआर कारों का उपयोग किया। उन्होंने 2015 के बाद से अपनी 24 विदेश यात्राओं में एसपीजी अधिकारियों को साथ नहीं लिया।
प्रियंका गांधी ने 2015 से मई 2019 तक, उसने दिल्ली के भीतर 339 अवसरों पर और देश के अन्य स्थानों पर 64 यात्राओं के लिए एसपीजी के गैर बीआर वाहनों का उपयोग नहीं किया था। उन्होंने इन यात्राओं के दौरान एसपीजी अधिकारियों की सलाह के विरुद्ध काम किया। 1991 से लेकर अब तक की गई कुल 99 विदेशी यात्राओं में से उसने केवल 21 मौकों पर ही एसपीजी सुरक्षा कवर लिया है। बाकी की 78 यात्राओं के लिए उन्होंने सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया।
इस तरह के अधिकांश दौरों पर प्रियंका ने अंतिम वक्त पर अपनी यात्रा की योजना साझा की। ऐसे में एसपीजी के लिए उनकी सुरक्षा का घेरा तैयार करना असंभव हो गया। मई 2014 के बाद से, कई मौकों पर उन्होंने एसपीजी अधिकारियों पर आरोप लगाए थे कि वे उसकी व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारी एकत्र कर रहे है, यहां तक कि प्रियंका ने एसपीजी के शीर्ष अधिकारियों को कानूनी कार्रवाई में घसीटने की धमकी भी दी थी।