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Online Gaming Bill: 'पैसे वाले खेलों के खतरों से बचाएगा नया बिल', ऑनलाइन गेमिंग विधेयक पर बोले पीएम मोदी

Thu, 21 Aug 2025 11:06 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Online Gaming Bill: पीएम मोदी ने ऑनलाइन गेमिंग विधेयक पर कहा कि ये विधेयक पैसे वाले खेलों के खतरों से बचाएगा। इस बिल में ऑनलाइन मनी गेम्स से संबंधित विज्ञापनों पर भी रोक लगाने और बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को ऐसे किसी भी गेम के लिए धन की सुविधा प्रदान करने या हस्तांतरण करने से रोकने का प्रावधान है।
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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा और नियंत्रण देने वाला नया कानून समाज को ऑनलाइन पैसे वाले खेलों के खतरों से बचाएगा। संसद से पारित 'प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल' पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि यह कानून भारत को गेमिंग, नवाचार और क्रिएटिविटी का केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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'भारत ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स का हब बने'
उन्होंने कहा, 'यह बिल दोनों सदनों से पास होकर हमारे इस संकल्प को मजबूत करता है कि भारत ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स का हब बने। साथ ही यह हमारे समाज को ऑनलाइन मनी गेम्स के हानिकारक प्रभावों से भी बचाएगा।' इस बिल के जरिए सरकार का मकसद जहां ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा देना है, वहीं पैसे वाले खेलों पर रोक लगाकर युवाओं और परिवारों को नुकसान से बचाना भी है।



मानसून सत्र के आखिरी संसद से पास हुआ बिल
संसद ने गुरुवार को ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन व विनियमन विधेयक, 2025 पारित कर दिया। राज्यसभा ने हंगामे के बीच बिना बहस के इसे मंजूरी दे दी। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक का उद्देश्य ईस्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को छोड़कर सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाना है। ऑनलाइन मनी गेम्स में पैसा जमा करके मौद्रिक और अन्य पुरस्कार जीतने की उम्मीद की जाती है।
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बिल पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव?
वहीं केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन, खासकर विपक्षी सदस्यों से लोकसभा में विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने का अनुरोध करते हुए कहा, 'जब बात समाज की हो, मध्यम वर्ग की हो या उद्योग जगत के किसी वर्ग की। जब बात समाज और सरकारी राजस्व की हो, तो हमारे प्रधानमंत्री ने हमेशा समाज को चुना है। हमने कभी भी समाज के हितों से समझौता नहीं किया है।'

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