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Galwan Clash: जिस लद्दाख में शहीद हुए थे पति दीपक सिंह , वहीं अधिकारी बनकर आईं लेफ्टिनेंट रेखा सिंह

Sat, 27 May 2023 06:59 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दीपक बिहार रेजिमेंट की 16 बटालियन में नर्सिंग सहायक के रूप में पदस्थ थे। चीन के साथ झड़प के दौरान नायक सिंह ने करीब 30 जवानों की जान बचाई थी। दावा किया जाता है कि दीपक ने न सिर्फ अपने देश के सैनिकों का इलाज करा था। बल्कि, उन्होंने युद्ध में घायल हुए चीनी सैनिक का भी इलाज किया था।
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लेफ्टिनेंट रेखा सिंह। - फोटो : ANI
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विस्तार
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वीर चक्र (मरणोपरांत) विजेता की विधवा पत्नी भारतीय सेना में शामिल हो गईं हैं। गलवान घाटी में हुए संघर्ष में नायक दीपक सिंह शहीद हो गए थे। अब उनकी पत्नी ने अधिकारी के रूप में भारतीय सेना ज्वाइन कर ली है। लेफ्टिनेंट रेखा सिंह की पोस्टिंग सेना के फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के त्रिशूल डिवीजन में हुई है। बता दें, त्रिशूल डिवीजन पूर्वी लद्दाख के लिए जिम्मेदार है। शहीद दीपक सिंह को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया है।

चीनी सैनिकों का भी किया था इलाज

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दीपक बिहार रेजिमेंट की 16 बटालियन में नर्सिंग सहायक के रूप में पदस्थ थे। चीन के साथ झड़प के दौरान नायक सिंह ने करीब 30 जवानों की जान बचाई थी। दावा किया जाता है कि दीपक ने न सिर्फ अपने देश के सैनिकों का इलाज करा था। बल्कि, उन्होंने युद्ध में घायल हुए चीनी सैनिक का भी इलाज किया था।

जानिए, कैसे शुरू हुई दोनों देशों के बीच हिंसा
करीब तीन साल पहले, भारत और चीन ने लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल में एक दूसरे पर घुसपैठ करने का आरोप लगाया था। यहां चीनी सैनिक भारतीय सीमा के अंदर कई किलोमीटर तक घुस आए थे। यहां तक की उन्होंने टेंट, खाइयां और अपने भारी हथियार भी भारतीय इलाके में तैनात कर दिया था। चीन की हरकत के बाद भारत भी एक्शन में आया और उसने भी भारतीय सेना के हजारों सैनिकों को मौके पर तैनात कर दिया। भारतीय सेना भी अपने उन्नत हथियार लेकर मौके पर पहुंची थी। जून 2020 में दोनों देशों के बीच हाथापाई और हिंसा भड़क गई। झड़प में भारतीय सेना के 20 तो चीनी सेना के चार जवानों की मौत हो गई। इन्हीं 20 भारतीय जवानों में दीपक सिंह भी शहीद हो गए थे।

अब जानिए, क्यों होता है गलवान विवाद

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साल 1962 में चीन से हुए युद्ध के बाद लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल का निर्माण किया गया था। लाइन चीन और भारत की सीमाओं का निर्धारण करती है। घाटी पर भारत और चीन दोनों अपना दावा करते हैं। चीन और भारत के इलाके के पास गलवान स्थित है, जिस वजह से उस इलाके पर चीन भी अपना दावा करता है। इसलिए क्षेत्र विवादित है। 

 

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