तमिलनाडु के तट पार कर चुके भीषण चक्रवाती तूफान ‘गाजा’ ने राज्य में भारी तबाही मचाई है। तूफान की वजह से हुए हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या 22 पहुंच गई है। राज्य में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं। तमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, निचले इलाकों से 80 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। गाजा के असर से चलते राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है।
तूफान शुक्रवार की सुबह जब तमिलनाडु पहुंचा तब हवा की रफ्तार करीब 100 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। तूफान से कडलूर, नागपट्टिनम, थोंडी और पम्बन तथा कराईकल और पुडुचेरी में तीन से आठ सेंटीमीटर तक बारिश हुई। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि निचले इलाकों से 76,290 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। कडलूर, नागपट्टिनम, पुदुकोट्टई, रामनाथपुरम, तिरूवरूर, तंजावुर में लगाए गए 471 राहत शिविरों में 81,948 लोग रह रहे हैं। तूफान के कारण नागपट्टिनम और कराईकल जिलों में सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। नागपट्टिनम में संचार ढांचे को गंभीर क्षति पहुंची है।
सलेम में संवाददाताओं के बीच मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने एलान किया कि मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रुपये जबकि मामूली रूप से घायलों को 25-25 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पलानीस्वामी से तूफान प्रभावित इलाकों के बारे में बातचीत की। उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से तूफान की वजह से उपजी परिस्थितियों में हर संभव मदद करने का भरोसा दिया। वहीं आपात स्थिति में लोगों से संपर्क करने के लिए तमिलनाडु राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला स्तर की हेल्पलाइन -1077 खोली है। इसके अलावा इस मामले में राज्य की हेल्पलाइन 1070 भी उपयोग में है।
इससे पहले चेन्नई में मौसम विभाग ने बताया था कि शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे तक कडलूर में आठ सेंटीमीटर बारिश हुई जबकि नागपट्टिनम में पांच सेंटीमीटर, पुडुचेरी और कराईकल में पांच-पांच सेंटीमीटर वर्षा हुई।