केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने मौजूदा वक्त से काफी आगे का खाका पेश करते हुए कहा है कि स्वच्छ जलाशयों में 10 हजार सी-प्लेन, समुद्री क्रूज के रूप में तैरते शहर और राजमार्गों पर डेडीकेटेड लेन में दौड़ते
इलेक्ट्रिक वाहन भारत का भविष्य हैं। सी-प्लेन परिवहन की बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि ऐसा शुरू हुआ तो हमारे देश में 10 हजार
सी-प्लेन की क्षमता है।
भारत में हमारे पास तीन से चार लाख तालाब, काफी सारे बांध, दो हजार नदी बंदरगाह, 200 छोटे बंदरगाह और 12 बड़े बंदरगाह हैं। ऐसे परिवहन पर खर्च भी कम आएगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मैनें नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू से एक इंजन वाले सी-प्लेन के लिए नियामक तय करने की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा है ताकि देश में ऐसे प्लेन जल्द लाए जा सकें।
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गडकरी ने कहा कि सी-प्लेन कम पानी में भी उतर सकता है और उड़ान भरने के लिए भी इसे महज 300 मीटर रनवे की दरकार होती है। यह 400 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। हमारा मंत्रालय और नागर विमानन मंत्रालय जल्द इसके लिए कानून तय करेंगे। अमेरिका, कनाडा और जापान में इसके लिए अलग-अलग कानून हैं। हम तीन महीने में इन कानूनों का अध्ययन कर लेंगे।
साल 2018 के लिए प्राथमिकताएं बताई
electric vehicles
गडकरी ने 2018 के लिए प्राथमिकता तय करते हुए कहा कि भारत की पहली बहुप्रतीक्षित पॉड टैक्सी परियोजना पर शीघ्र काम शुरू होगा। सी-प्लेन, क्रूज, जलमार्ग, इलेक्ट्रिक वाहन, पॉड टैक्सी, कैटामरान, एक्सप्रेसवे, 16 लाख करोड़ रुपये की सागरमाला परियोजना और सात लाख करोड़ रुपये की भारतमाला परियोजना से देश की तस्वीर बदल जाएगी।
...तो 50 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
क्रूज को एक प्रकार का तैरता शहर बताते हुए गडकरी ने कहा कि इसे 95 से बढ़कर 950 से भी अधिक किया जा सकता है। भारत से क्रूज सिंगापुर, फिलिपींस और थाइलैंड जा सकते हैं। आने वाले दिनों में हम अपने परिवहन को इलेक्ट्रिक, इथेनॉल, मिथेनॉल, बायो डीजल, बायो सीएनजी एवं अन्य माध्यमों में बदल देंगे। इससे करीब 1000 नए उद्योग शुरू होंगे और 50 लाख युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।