प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड के दौरान भारत में फ्रंटलाइन स्वास्थ्य और अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अद्भुत काम ने उनके कौशल और समर्पण को दिखाया। यह हमारी सेवा और जुनून की संस्कृति को भी दर्शाता है। दरअसल भारत में दुनिया में कौशल कार्यबल के सबसे बड़े प्रदाताओं में से एक बनने की क्षमता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित जी-20 श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने भारत को पूरी दुनिया में कुशल श्रमशक्ति मुहैया कराने में सक्षम बताया है। उन्होंने कहा, विश्व स्तर पर गतिशील कार्यबल भविष्य की एक वास्तविकता है। कौशल विकास और कुशल श्रम के साझे उपयोग का वैश्विकरण समय की जरूरत है। भारत में दुनिया के लिए कुशल कार्यबल के सबसे बड़े प्रदाताओं में से एक बनने की क्षमता है।
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जी-20 देशों के श्रम व रोजगार मंत्रियों से उन्होंने कहा, आपका समूह सबसे अहम आर्थिक और सामाजिक कारक-रोजगार पर चर्चा कर रहा है। जी-20 को इस क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभानी होगी क्योंकि, दुनिया रोजगार क्षेत्र में सबसे बड़े बदलावों की दहलीज पर है। जी-20 को इन बदलावों से निपटने के लिए उत्तरदायी और प्रभावी रणनीतियां तैयार करनी होंगी।
12.5 करोड़ युवाओं को किया गया प्रशिक्षित
प्रौद्योगिकी को रोजगार का संवाहक बताते हुए पीएम ने कहा, सौभाग्य की बात है कि यह बैठक भारत में हो रही है, जिसके पास प्रौद्योगिकी-आधारित बदलावों से बड़ी संख्या में रोजगार सृजन का अनुभव है। हमें कार्यबल को उन्नत प्रौद्योगिकियों और प्रक्रियाओं के उपयोग में कुशल बनाने की जरूरत है। इसके लिए स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग ही मूलमंत्र है। प्रधानमंत्री ने कहा, स्किल इंडिया मिशन इसी वास्तविकता से जुड़ने का एक अभियान है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत अब तक 12.5 करोड़ से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड के दौरान भारत में फ्रंटलाइन स्वास्थ्य और अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अद्भुत काम ने उनके कौशल और समर्पण को दिखाया। यह हमारी सेवा और जुनून की संस्कृति को भी दर्शाता है। दरअसल भारत में दुनिया में कौशल कार्यबल के सबसे बड़े प्रदाताओं में से एक बनने की क्षमता है।