भारत ने बाली में वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रभावशाली समूह जी20 की अध्यक्षता ग्रहण की थी। वहीं सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि जी20 के विदेश मंत्रियों की बैठक मार्च 2023 में दिल्ली में होगी। देश के 56 शहरों में जी20 के विभिन्न समूहों की 215 बैठकों होगीं।
जी-20 अध्यक्षता समावेशी, महत्वाकांक्षी और निर्णायक होगी
जी20 की अध्यक्षता ग्रहण करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाली में आयोजित सम्मेलन में कहा था कि भारत ऐसे समय में जी20 की कमान संभाल रहा है, जब दुनिया एक साथ भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक मंदी, बढ़ती खाद्य और ऊर्जा की कीमतों और महामारी के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों से जूझ रही है। उन्होंने कहा था कि ऐसे समय में दुनिया जी20 की ओर उम्मीद से देख रही है। आज मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत की जी-20 अध्यक्षता समावेशी, महत्वाकांक्षी और निर्णायक होगी।
बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों में होंगी जी20 बैठकें
नियोजित जी20 बैठकें न केवल बड़े महानगरों में बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी आयोजित की जानी है। वहीं सरकार ने एएसआई को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए निर्देश दे दिए हैं जिसको लेकर एएसआई कमर कस रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत संरक्षित भारत में कुल 3,693 विरासत स्थल हैं जो केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के दायरे में आते हैं। वहीं सरकार ने कर्नाटक में भोगा नंदीश्वर मंदिर और महाराष्ट्र में एलिफेंटा गुफाओं को पहले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट कर लिया है। सूत्र ने कहा, केवल दिसंबर-मार्च की अवधि के लिए यात्रा कार्यक्रम अभी तक ज्ञात है।
G-20 समूह में ये देश हैं शामिल
G-20 देशों के समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।