जी किशन रेड्डी ने आगे बताया कि स्मारकों और स्थलों की घोषणा प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम- 1958 के तहत की जाती है। केंद्र सरकार दो महीने का समय देकर किसी भी प्राचीन स्मारक को राष्ट्रीय महत्व का घोषित करने की इच्छा की अधिसूचना जारी करती है।
संसद में एक बार फिर राम सेतु का जिक्र हुआ। सरकार ने संसद में बताया कि राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का मामला अदालत में विचाराधीन है। केंद्रीय मंत्री ने सदन में एक सवाल का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।
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संसद में सोमवार को पूछा गया कि क्या देश में एडम्स ब्रिज जैसे समुद्र में स्थित या डूबे स्थलों को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का अनुरोध भारत सरकार के पास लंबित हैं। इस सवाल का उत्तर देते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि राम सेतू को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का मामला ही सिर्फ अदालत में विचाराधीन है। इसके अलावा किसी और डूबे स्थल को राष्ट्रीय महत्तव घोषित करने का कोई भी प्रस्ताव वर्तमान में लंबित नहीं है।
देश में फिलहाल 3,697 स्मारक और स्थल राष्ट्रीय महत्व के घोषित
जी किशन रेड्डी ने आगे बताया कि स्मारकों और स्थलों की घोषणा प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम- 1958 के तहत की जाती है। केंद्र सरकार दो महीने का समय देकर किसी भी प्राचीन स्मारक को राष्ट्रीय महत्व का घोषित करने की इच्छा की अधिसूचना जारी करती है। इसके बाद जनता के माध्यम से विचार और आपत्तियां आती हैं। इन सभी पर विचार करने के बाद केंद्र सरकार आधिकारिक गजट में अधिसूचना प्रकाशित करके प्राचीन स्मारक को राष्ट्रीय महत्व घोषित कर सकती है। देश में फिलहाल 3,697 स्मारक और स्थल राष्ट्रीय महत्व के घोषित हैं। रेड्डी ने पिछले तीन वर्षों में राष्ट्रीय स्मारकों के रखरखाव पर हुए खर्चे की जानकारी दी। जो 2020-21 में 260.83 करोड़ रुपये, 2021-22 में 269.57 करोड़ रुपये और 2022-23 में 391.93 करोड़ रुपये था। .