प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 विदेश मंत्रियों की बैठक का संबोधन करते हुए भारत पहुंचे जी20 देशों के विदेश मंत्रियों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि यह बैठक एकता, एक उद्देश्य और कार्रवाई की एकता की जरूरतों को बल देता है। मुझे उम्मीद है कि आज की आपकी बैठक आम और ठोस उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए एक साथ आने की भावना को दर्शाएगी। G20 विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत ग्लोबल साउथ की आवाज है। G20 विदेश मंत्रियों की बैठक की शुरुआत करने से पहले तुर्की और सीरिया में हाल ही में आए भूकंपों में जान गंवाने वाले लोगों के लिए एक मिनट का मौन रखा गया।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, 'वर्तमान में कोई भी समूह अपने निर्णयों से सर्वाधिक प्रभावित लोगों की बात सुने बिना वैश्विक नेतृत्व का दावा नहीं कर सकता। यह बैठक गहरे वैश्विक विभाजन के समय में हो रही है। विदेश मंत्रियों के रूप में ये स्वाभाविक है कि आपकी चर्चा भू-राजनीतिक तनावों से प्रभावित होगी।' पीएम बोले- 'दुनिया विकास, आर्थिक लचीलापन, आपदा लचीलापन, वित्तीय स्थिरता, भ्रष्टाचार, आतंकवाद, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, विकास की चुनौतियां को कम करने के लिए G20 की ओर देख रही है। इन सभी में G20 में आम सहमति बनाने और ठोस परिणाम देने की क्षमता है।'