विमानन नियामक डीजीसीए ने हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी) के निर्देश को समझने में चूक करने वाले स्पाइसजेट के एक पायलट को शनिवार को तीन माह के लिए निलंबित कर दिया। सूरत-मुंबई मार्ग पर संबंधित उड़ान के प्रथम अधिकारी की भूमिका निभा रहे इस पायलट के कारण विमान बिना बारी के हवाई पट्टी पर आ गया था।
इस पायलट ने विमान के पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) को नियंत्रण कक्ष के संदेश को लेकर गलत सूचना दे दी और इस कारण स्पाइसजेट का वह विमान अनधिकृत रूप से मुंबई हवाई अड्डे पर उतर गया।
सूत्रों ने 'पीटीआई' को बताया कि डीजीसीए की जांच में पाया गया कि पांच जुलाई को सूरत-मुंबई उड़ान के प्रथम अधिकारी अतुल यादव ने पीआईसी से कहा कि उनके विमान को एटीसी की ओर से रनवे संख्या 14 पर उतरने की अनुमति मिल गयी है। वस्तुतः वह मंजूरी स्पाइजेट से आगे आगे जा रहे इंडिगो के विमान के लिए थी।
उल्लेखनीय है कि स्पाइसजेट विमान का कॉल संकेत एसईजे 2763 था जबकि इंडिगो के लिए यह आंकड़ा आईजीओ 063 था। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस बाबत 19 अगस्त को यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया। यादव ने अपने जवाब में अपनी गलती मानते हुए कहा कि एक जैसे लगने वाले के कॉल संकेत के कारण यह गलती हुई।
डीजीसीए ने इसके बाद कार्रवाई करते हुए कहा कि यादव को तीन माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस अवधि की गणना 10 जुलाई, 2019 से की जाएगी।