खाद्य नियामक प्राधिकरण एफएसएसएआई ने कहा है कि वह अक्टूबर के पहले हफ्ते में ऑन लाइन फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म्स की समीक्षा करेगा। एफएसएसएआई का कहना है कि वह इस बात की जांच करेगा कि ऑल लाइन फूड डिलिवरी करने वाली कंपनियों ने लाइसेंस नहीं रखने वाले रेस्टोरेंट्स को सूची से हटाया है अथवा नहीं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सीईओ पवन अग्रवाल के मुताबिक प्राधिकरण ने ऐसे प्लेटफॉर्म्स को सितंबर के आखिर का वक्त दिया है। जिसके बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते में बिना लाइसेंस वाले रेस्टोरेंट्स और कैटरिंग फर्म्स को हटाने की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। हालांकि अग्रवाल ने यह नहीं बताया कि अभी तक कंपनियां कितने रेस्टोरेंट्स को अपनी सूची से हटा चुकी हैं। उनका कहना था कि समीक्षा के बाद ही इसकी जानकारी मिल पाएगी।
इससे पहले हाल ही में ऑन लाइन फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो ने कहा था कि उसने एफएसएसएआई लाइसेंस न रखने वाली हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट्स को डि-लिस्ट किया है। हालांकि उसने यह भी कहा कि जिन रेस्टोरेंट्स ने लाइसेंस हासिल कर लिए उन्हें फिर से सूचीबद्ध भी किया गया है। जोमैटो के मुताबिक इस समय उसके प्लेटफॉर्म पर 50 हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट्स लिस्टेड हैं।
इससे पहले एफएसएसएआई ने इस साल जुलाई में स्विगी, जोमैटो, फूडपांडा समेत दस फूड एप को उन रेस्टोरेंट्स को कहा था कि वे उन रेस्टोरेंट्स के खाने की डिलिवरी न करें, जिनके पास एफएसएसएआई का लाइसेंस नहीं है। प्राधिकरण का कहना था कि उन्हें शिकायत मिली है कि ई-कॉमर्स के जरिये खराब गुणवत्ता के खाद्य पदार्थों की आपूर्ति की जा रही है।