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FSSAI Notice: 100% प्राकृतिक और शाकाहारी वाले दावों पर नियामक सख्त, कंपनियों को नोटिस जारी; क्या मिली गड़बड़ी?

Wed, 08 Jul 2026 01:21 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

FSSAI Notice: देश की खाद्य नियामक संस्था एफएसएसएआनने कई बड़ी खाद्य कंपनियों को भ्रामक दावे और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया है। कंपनियों से सात दिनों में जवाब मांगा गया है। कुछ उत्पादों पर 100% प्राकृतिक , 100% वेज और प्रीमियम चॉकलेट जैसे दावों को नियमों के खिलाफ पाया गया। आखिर किन कंपनियों पर कार्रवाई हुई और एफएसएसआई को क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं? आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं...
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खाद्य उत्पादों की लेबलिंग पर एफएसएसएआई ने क्या कहा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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देश में खाद्य उत्पादों पर किए जा रहे दावों और लेबलिंग को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सख्त रुख अपनाया है। एफएसएसएआई ने लोट्टे इंडिया, फर्न्स एन पेटल्स और कुबेरा फूड्स को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है। नियामक संस्था का कहना है कि इन कंपनियों के कुछ खाद्य उत्पादों पर ऐसे दावे किए गए हैं, जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं। साथ ही कई मामलों में लेबलिंग नियमों का भी पालन नहीं किया गया।
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एफएसएसएआई ने कहा है कि यदि कंपनियों का जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। संस्था के अनुसार, यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और खाद्य उत्पादों की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। हाल के समय में एफएसएसएआई लगातार ऐसे मामलों में स्वत: संज्ञान और उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई कर रहा है।

लोट्टे इंडिया पर क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं?

एफएसएसएआई के अनुसार, लोट्टे इंडिया ने कई उत्पादों पर नियमों का पालन नहीं किया। कंपनी ने पुराने नाम वाले प्री-प्रिंटेड लेबल बिना अनुमति के इस्तेमाल किए। इसके अलावा लोट्टे चॉको पाय के कुछ उत्पादों पर 100 प्रतिशत शाकाहारी का दावा किया गया, इसे भ्रामक माना गया। पीईपीईआरओ बिस्किट स्टिक्स पर निर्धारित प्रारूप में पोषण संबंधी जानकारी नहीं दी गई। लॉली ब्लिस लॉलीपॉप में विटामिन स्तर से जुड़े नियमों का पालन नहीं मिला। वहीं, उत्पादों में फल नहीं होने के बावजूद पैकेजिंग से ऐसा आभास दिया गया कि उनमें फल मौजूद हैं। इसके अलावा पैक के सामने अनिवार्य डिस्क्लेमर भी नहीं दिया गया।

कुबेरा फूड्स और फर्न्स एन पेटल्स को क्यों मिला नोटिस?

कुबेरा फूड्स के सॉफ्ट एंड फ्रेश क्रीम बन पाइनएप्पल उत्पाद पर पैक के सामने 100 प्रतिशत प्राकृतिक और नो प्रिजरवेटिव्स  और नो कलर्स & फ्लेवर्स जैसे दावे किए गए थे। लेकिन उत्पाद के लेबल में प्रिजर्वेटिव, सिंथेटिक रंग और फ्लेवरिंग पदार्थ का उल्लेख भी पाया गया। एफएसएसएआई का कहना है कि ऐसे में प्राकृतिक, ताजे और शुद्ध जैसे दावे नियमों का उल्लंघन हैं। वहीं, फर्न्स एन पेटल्स के रोस्टेड ऑलमंड चॉकलेट पर प्रीमियम चॉकलेट लिखा गया था, जबकि उसमें हाइड्रोजेनेटेड फैट का इस्तेमाल 
पाया गया। इसके अलावा अनुशंसित दैनिक पोषण मात्रा (आरडीए) और सामग्री की जानकारी देने में भी कमी मिली।

एफएसएसएआई लगातार क्यों बढ़ा रहा सख्ती?

एफएसएसएआई का कहना है कि उपभोक्ताओं को सही और पारदर्शी जानकारी मिलना जरूरी है। यदि किसी उत्पाद पर किए गए दावे और उसकी वास्तविक सामग्री में अंतर होगा तो इससे ग्राहक गुमराह हो सकते हैं। हाल ही में नियामक संस्था ने फ्रेश पनीर जैसे दावे को लेकर भी एक अन्य कंपनी को नोटिस जारी किया था। एफएसएसएआई अब सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी कार्रवाई की जानकारी साझा कर रहा है। संस्था का कहना है कि वह उपभोक्ताओं की शिकायतों और स्वत: संज्ञान के आधार पर ऐसे मामलों की जांच जारी रखेगी, ताकि बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पाद निर्धारित मानकों का पालन करें।
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