विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप
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भारत ने अपने कूटनीतिक रुख को और सख्त करते हुए कहा है कि विदेश सचिव स्तर की वार्ता का फैसला अब पाकिस्तान को लेना है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से पहले सीमा पार आतंकवाद पर बातचीत की शर्त को आगे बढाते हुए अपने एजेंडे में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को खाली कराने का मुद्दा भी शामिल कर लिया। विदेश सचिव एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को दो टूक कहा कि पाकिस्तान तय करे कि उसे सीमा पार आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर के टुकड़े पर अवैध कब्जा और टेरर कैंप बंद करने के मुद्दे पर बात करेगा या नहीं।
जयशंकर के मुताबिक अब गेंद पाकिस्तान के पाले में है। अपने पाकिस्तानी समकक्ष एजाज एहमद चौधरी के कश्मीर पर बात करने की पेशकश पर जयशंकर ने कहा कि बात पहले घाटी में आतंकवाद को सीमा पार से मिल रही मदद पर होगी। जयशंकर और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा कि भारत को पाकिस्तान का न्यौता स्वीकार है। लेकिन भारत ने बातचीत के लिए अपनी शर्त रख दी है। अब फैसला पाकिस्तान को लेना है।
विकास स्वरुप ने मीडिया ब्रिफ्रिंग में कहा कि विदेश सचिव ने 16 तरीख को लिखी चिट्ठी में कश्मीर पर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इसपर पाकिस्तान को बोलने का कोई हक नहीं। जयशंकर ने अपने समकक्ष को लिखी चिट्ठी में साफ कर दिया कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर उन आतंकी सरगनाओं की मौजूदगी से इनकार करना बंद करे जो भारत में आतंकवाद को बढावा दे रहे हैं।