नाभीढांग से लेकर लिपुलेख तक भारतीय सुरक्षा बल विशेष चौकसी बरत रहे हैं। लिपुलेख में 16 हजार फुट से अधिक की ऊंचाई पर दिन रात भारतीय सुरक्षा बलों के जवान चौबीसों घंटे गश्त कर रहे हैं। भारतीय अर्द्धसैनिक बल व भारतीय सेना ने नाभीढ़ांग से लिपुपास तक के आठ किमी इलाके को छावनी में बदल दिया है।
चीन की ओर से किसी भी तरह की हरकत होने की स्थिति का मुकाबला करने के लिए भारतीय सुरक्षा बल चौबीस घंटे हाई अलर्ट पर हैं। लिपुपास में बारिश होने से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। इन विपरीत परिस्थितियों में भी जवान चीन सीमा पर मुस्तैदी से डटे हैं।
वहीं नेपाल सीमा पर धारचूला से कालापानी तक एसएसबी ने अपने जवानों की संख्या में इजाफा कर सुरक्षा और कड़ी कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेपाल के सीमांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती हिस्सेदारी पर भी सुरक्षा एजेंसी नजर रखे हुए हैं।
उत्तराखंड के चमोली जिले से लगे चीन सीमा क्षेत्र के नीती और माणा घाटी में अब सड़क निर्माण कार्य को रफ्तार मिल पाएगी। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से झारखंड से बुलाए गए 230 मजदूर बुधवार को नीती और माणा घाटी में पहुंच गए हैं, जबकि 450 स्थानीय मजदूर भी सड़क निर्माण में जुटेंगे।
बृहस्पतिवार से सीमा क्षेत्र की सड़कों की हिल कटिंग व अन्य कार्य शुरू होंगे। केंद्र सरकार की ओर से नीती और माणा घाटी में दोनों सड़कों के निर्माण की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। यही वजह है कि बीआरओ के उच्च अधिकारी भी सड़क निर्माण को युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए लगातार निरीक्षण भी कर रहे हैं।
लॉकडाउन के कारण काम रुक गया था। नीती घाटी में सुमना से आगे तक सड़क की हिल कटिंग हो चुकी है, जबकि माणा घाटी में माणा पास तक सड़क निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इनका काम भी बृहस्पतिवार से शुरू होगा। बीआरओ कमांडर कर्नल मनीष कपिल का कहना है कि नीती और माणा घाटी में सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।