गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्री अंगद प्रताप ने कहा कि हमारे पैर अब सीमेंट में जम चुके हैं। वे और उनके साथी अब सिर्फ वायुसेना पायलट नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्री-नामित अंगद प्रताप, अजीत कृष्णन, शुभांशु शुक्ला और प्रशांत नायर आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। बता दें कि इनमें से शुभांशु शुक्ला को 29 मई को इसरो और नासा की संयुक्त अंतरिक्ष यात्रा के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) भेजा जाएगा।
भावुक हुए अंगद प्रताप
इसके साथ ही अंगद प्रताप ने भावुक होकर कहा कि जब प्रधानमंत्री ने हमारे नामों की घोषणा की, तो ऐसा लगा जैसे 1.4 अरब लोगों की उम्मीदें हमारे कंधों पर आ गई हों। हम अकेले नहीं उड़ते, हमारे साथ इसरो के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, टेक्नीशियनों और छात्रों के सपने भी होते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों से मिलकर उन्हें भी प्रेरणा मिलती है, और वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें भारत के पहले मानव मिशन का हिस्सा बनने का मौका मिला।
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गगनयान मिशन की तैयारी