पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को वाम दलों को ध्यान में रखते हुए प्रचार की अलग-अलग रणनीति बनानी पड़ रही है। केरल में सत्ता वापसी को बेचैन कांग्रेस को वामदलों पर निशाना साधना ही पड़ेगा। जबकि बंगाल में वामदलों को साथ लेकर चुनाव में अपनी प्रतिष्ठा बचानी है।
पांच राज्यों में चुनावों पर पड़ेगा रिश्तों पर असर, सीधे हमले से बच रही कांग्रेस
कांग्रेस को केंद्र में लंबे समय से वामदलों का साथ मिलता रहा है। यही कारण है कि केरल में कांग्रेस नेता सीधे तौर पर वामदलों पर निशाना साधने से बच रहे हैं। वहां कांग्रेस सकारात्मक चुनावी रणनीति अपनाएगी और अपनी सरकार के कामकाज के आधार पर वोट मांगेगी।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी केरल दौरे में उन्हीं मुद्दों को उठा रहे हैं जो सीधे तौर पर केंद्र सरकार से जुड़े हैं। वहीं पश्चिम बंगाल के प्रभारी जितिन प्रसाद का कहना है कि राज्य इकाई और वहां के नेताओं की मांग के बाद ही पार्टी नेतृत्व ने राज्य में वामदलों के साथ चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।