आयकर विभाग ने मध्यप्रदेश में सोया उत्पाद बनाने वाले समूह पर छापा मारकर 450 करोड़ के काले धन का पता लगाया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को बताया, विभाग ने 18 फरवरी को बेतूल, सतना, मुंबई, शोलापुर और कोलकाता में 22 जगहों पर छापेमारी की थी। इस दौरान लैपटॉप, हार्ड ड्राइव, पेन ड्राइव समेत कई सबूत जब्त किए गए, जिनसे अब तक 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगा है।
सीबीडीटी के मुताबिक, छापे में आठ करोड़ रुपये नकद और 44 लाख रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा जब्त की गई। इसके अलावा नौ बैंक लॉकर को भी सील किया गया। समूह ने कोलकाता स्थित मुखौटा कंपनियों से भारी प्रीमियम पर शेयर पूंजी के जरिये 259 करोड़ रुपये की बेहिसाब आय अर्जित की।
इसके अलावा कोलकाता की ही मुखौटा कंपनियों से मुखौटा कंपनियों में निवेश दस्तावेजों की बिक्री से 90 करोड़ रुपये जुटाए। समूह ने जिन कंपनियों का दावा किया, उनमें से कोई भी उस पते पर परिचालन में नहीं थी। समूह ने अपनी इकाई के शेयर बिक्री पर गलत तरीके से 27 करोड़ रुपये के दीर्घकालीन पूंजी लाभ (एलटीसीजी) छूट का भी दावा किया। जांच में पाया गया कि इन शेयरों की खरीद सही नहीं थी। जांच के दौरान पाया गया कि अपना लाभ कम दिखाने के लिए समूह ने 52 करोड़ का फर्जी घाटा भी दिखाया।
पुणे के समूह पर छापे में 335 करोड़ रुपये के काले धन का खुलासा
वहीं, आयकर विभाग ने तंबाकू उत्पादों का कारोबार करने वाले पुणे के समूह के ठिकानों पर छापा मारकर 335 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया है। सीबीडीटी ने बताया कि 17 फरवरी को महाराष्ट्र में 34 जगहों पर की गई कार्रवाई में एक करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए। जांच में अचल संपत्ति की बिक्री से नौ करोड़ रुपये की बेहिसाब आय का पता चला है। इसके अलावा हस्तलिखित और कंप्यूटर पर बनाई गई एक्सेल शीट से करीब 234 करोड़ रुपये की तंबाकू की नकद बिक्री का खुलासा हुआ है। अब तक करीब 335 करोड़ रुपये की आय का खुलासा हो चुका है।