फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपकी किचन में ही पैदा हो सकती हैं ताजी सब्जियां, हर पल मिलेगा हरा धनिया और लहसुन

Thu, 15 Oct 2020 06:07 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • टेरेस फार्मिंग से किचन तक पहुंचा फल-सब्जी उगाने का आइडिया
  • रासायनिक उर्वरकों से पैदा हुई चीजों से परिवार-बच्चों को दूर रखने में मिल रही मदद
विज्ञापन
Terrace Garden - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जमीन के सिकुड़ते क्षेत्रफल के बीच टेरेस फार्मिंग ने खाद्यान्न उत्पादन की नई संभावनाओं को जन्म दिया है। अब घर की बालकनी और किचन में भी फल-सब्जियों को उगाने का चलन धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा है। इससे लोगों को न सिर्फ रासायनिक उर्वरकों और गंदे पानी से पैदा हो रही सब्जियों का विकल्प मिल सकता है, बल्कि यह आर्थिक रूप से भी बहुत सस्ता पड़ता है। इस विधि से एक सौ वर्ग गज के मकान की छत और बालकनी से इतनी सब्जियां पैदा की जा सकती हैं कि इससे एक परिवार को बाहर से सब्जियों को लाने की आवश्यकता बहुत सीमित रह जाती है।

विज्ञापन

कैसे हो रही किचन फार्मिंग

घर की छत और बालकनी में गमले रखकर या दीवारों से लटकती 'हैंगिंग मैट' पर छोटे-छोटे गमले की क्यारियों में भी सफलतापूर्वक सब्जियां उगाई जा सकती हैं। जिस प्रकार से फूल लगाया जाता है, उसी प्रकार इस विधि में गमलों में हरी खाद डालकर उनमें मौसम के अनुकूल सब्जियों की छोटी पौध या बीज डालकर कुछ ही समय में घर के उपयोग के लिए ताजी सब्जियां उगाई जा सकती हैं। ये बीज-पौध आसपास की नर्सरी से प्राप्त की जा सकती हैं।

Terrace Garden - फोटो : Amar Ujala

हर गमले से कितना लाभ संभव

गॉड कृष्णा कला सोसाइटी की अध्यक्ष कोमल वशिष्ठ ने अमर उजाला को बताया कि एक गमले में फूल के पौधे लगाने की कीमत 30-40 रुपये से 100 रुपये तक आती है। ठीक इसी कीमत पर इन्हीं गमलों में हरी फल-सब्जी उगाई जा सकती हैं। एक बार पौधे लगाकर अलग-अलग सब्जी के हिसाब से एक सीजन में 500 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक की ताजी हरी सब्जियां पैदा की जा सकती हैं। यह बेहद किफायती है।

स्वास्थ्य का विकल्प नहीं

कोमल वशिष्ठ ने कहा कि आजकल सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमारे किसान अपने खेतों में भी अन्न, फल-सब्जी उगाने के लिए रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं। इससे अन्न, फल-सब्जियों के माध्यम से लोगों के शरीर में विभिन्न प्रकार के रसायन पहुंच रहे हैं जो लोगों में तरह-तरह की बीमारियां पैदा कर रहे हैं। यमुना जैसी नदियों के आसपास पैदा हो रही सब्जियों में प्रदूषित पानी के साथ-साथ घातक जहरीले रसायन लोगों के शरीर तक पहुंच रहे हैं। अगर घर पर सब्जियों को उगाने की विधि का उपयोग किया जाए तो इससे परिवार को घातक रसायनों से कुछ हद तक बचाने में मदद मिल सकती है।

क्या-क्या पैदा करना संभव

हरी सब्जियों में धनिया, लहसुन, मिर्च-टमाटर, गोभी, बैंगन, नींबू, लौकी और तोरी का खूब उपयोग किया जाता है। इस विधि से इन जैसी ज्यादातर सब्जियों को उगाया जा सकता है। विशेषज्ञों का दावा है कि अगर किसी के पास सौ गज का मकान भी उपलब्ध हो तो इसमें पूरे परिवार की जरूरत भर की सब्जी पैदा की जा सकती है और बहुत कम ही सब्जियों को बाहर से लाने की आवश्यकता पड़ेगी।

विज्ञापन

घर की सजावट भी

घरों में प्राकृतिक सौंदर्य लाने के लिए लोग गमले लगाते हैं, बालकनी में छत से लटकने वाले गमलों में भी विभिन्न सौंदर्य वाली घास, बेल या पौधों को लगाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन्हीं जगहों का उपयोग हरी सब्जियों को उगाने में किया जाए, तो इससे घर को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ हरी सब्जी भी खाने को मिल सकती है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें