वर्ष 2017-18 के अकादमिक सत्र के लिए एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए हुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को रद्द करने के लिए मद्रास हाईकोर्ट में एक नई रिट याचिका दायर की गई है।
याचिकाकर्ता जे ग्लाडवीन ने अदालत से एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में 12वीं के अंकों के आधार पर दाखिला देने का भी अनुरोध किया है। अदालत की मदुरै पीठ में हाल ही में दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ता ने कहा है कि चूंकि नीट का पर्चा एक समान नहीं था इसलिए इसमें हासिल किए गए अंक एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश का आधार नहीं हो सकते। याचिका में कहा गया है कि दाखिला 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होना चाहिए।
मामले की सुनवाई आने वाले सप्ताह में की जाएगी। मदुरै पीठ ने 24 मई को पूरे देश में नीट का परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी थी। कुछ छात्रों की ओर से डाली गई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एमवी मुरलीधरन ने भारतीय चिकित्सा परिषद के अधिकारियों, सीबीएसई निदेशक और केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग से अपना जवाबी हलफनामा सात जून को दाखिल करने का निर्देश दिया।