मणिपुर के बिष्णुपुर और चुराचांदपुर जिलों में पिछले 72 घंटों में कुकी और मैतेइ के बीच गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और 18 घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि बिष्णुपुर जिले के खोइरेंटक की तलहटी और चुराचांदपुर जिले के चिंगफेई और खौसाबुंग इलाकों में गोलीबारी जारी है। हिंसा 29 अगस्त को शुरू हुई, जब खोइरेंटक इलाके में भारी गोलीबारी के बाद लगभग 30 साल के एक ग्रामीण स्वयंसेवक की मौत हो गई।
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार शाम से कुछ घंटों की शांति के बाद गुरुवार सुबह दोनों समूहों के बीच गोलीबारी का ताजा दौर शुरू हुआ। बीते दिन की हिंसा में सिर पर बम के छींटे लगने से घायल हुए एक व्यक्ति की मिजोरम के रास्ते गुवाहाटी जाते समय रास्ते में मौत हो गई। एक अन्य घायल व्यक्ति की भी गुरुवार सुबह करीब नौ बजे चुराचांदपुर जिला अस्पताल में मौत हो गई, जहां उसका इलाज चल रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार शाम चिंगफेई इलाके में पांच लोगों को छर्रे लगने से चोटें आईं, जिनमें से तीन को चुराचांदपुर जिला अस्पताल ले जाया गया। एक के सिर पर छर्रे लगे, जबकि अन्य को कंधे, पैर और पीठ पर चोटें आईं।
इससे पहले मंगलवार को बिष्णुपुर के नारायणसेना गांव के पास हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई और छह घायल हो गए। सूत्रों के मुताबिक, एक पीड़ित की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दूसरे की मौत उस समय हुई, जब उसकी देशी बंदूक से गोली चल गई और उसके चेहरे पर लगी।
इस बीच, इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) ने चुराचांदपुर में तत्काल प्रभाव से आपातकालीन बंद का आह्वान किया है। आईटीएलएफ के एक बयान में कहा गया है कि पानी और चिकित्सा आपूर्ति सहित आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से छूट दी गई है।
वहीं, मणिपुर पुलिस ने एक्स पर कहा कि सुरक्षा बलों द्वारा कांगपोकपी, थौबल, चुराचांदपुर और वेस्ट-इंफाल के सीमांत और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें पांच हथियार, 31 गोला-बारूद, 19 विस्फोटक, आईईडी सामग्री के तीन पैक बरामद किए गये। इसके अलावा पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,646 लोगों को हिरासत में भी लिया है।