रेल मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि समर्पित माल ढुलाई (डीएफसी) गलियारा ने जनवरी में मालगाड़ी परिचालन में मील का पत्थर हासिल किया है। मंत्रालय ने कहा कि यह भारत की रसद और परिवहन क्षमता में एक नया पैमाना स्थापित करता है।
मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान पूर्वी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (ईडीएफसी) पर औसतन 209 ट्रेनों का संचालन हुआ, जबकि पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (डब्ल्यूडीएफसी) पर 182 ट्रेनों का संचालन किया गया।
एक बयान में रेल मंत्रालय ने कहा कि यह उपलब्धि निर्बाध और कुशल माल परिवहन के लिए डीएफसी पर बढ़ती निर्भरता को दर्शाती है और औद्योगिक व आर्थिक विकास की रीढ़ के रूप में इसकी भूमिका को मजबूत करती है।
इसमें कहा गया, मेजा उर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड को 9 दिसंबर 2023 को न्यू उंचडीह स्टेशन पर डीएफसीसीआईएलएल से जोड़ा गया था। जनवरी 2025 में 125 रेक (रेल के डिब्बों का सेट) संभाले गए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह औद्योगिक मांगों को पूरा करने में डीएफसीसीआईएल की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।
बयान में कहा गया, 'डीएफसी गलियारा ने प्रयागराज डिविजन में महा कुंभ के दौरान यात्री और मालगाड़ियों की सुचारू और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लाखों श्रद्धालुओं के प्रयागराज आने की उम्मीद के साथ ट्रेन सेवाओं का निर्बाध संचालन सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है।'
मंत्रालय ने यह भी बताया कि पूर्व-मध्य रेलवे और उत्तर-मध्य रेलवे से सौ फीसदी माल परिवहन को ईडीएफसी पर सफलतापूर्वक डायवर्ट करने में सफलता हासिल की गई, जिससे महा कुंभ विशेष ट्रेनों की आवाजाही के लिए बचे हुए मार्गों पर राहत मिली और उन पर यातायात का दबाव कम हुआ।
मंत्रालय ने माना कि उत्तर-मध्य रेलवे के प्रयागराज डिविजन में भीड़ कम करने में ईडीएफसी ने अहम भूमिका निभाई। इसने कहा, 'माल ढुलाई के लिए इस रणनीतिक बदलाव से न केवल भीड़ कम हो रही है, बल्कि महा कुंभ स्पेशल ट्रेनों का सुचारू संचालन भी संभव हो रहा है, जिससे श्रद्धालु पवित्र जल में डुबकी लगाने के लिए सुविधाजनक यात्रा कर सकेंगे।'