पर्यावरण और खानपान में बदलाव और भागदौड़ वाली जिंदगी के कारण अब तनाव की समस्या लोगों में आम होती जा रही है। इसके कारण लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने तनाव पर लोगों को मुफ्त ओपीडी चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय किया है। भारतीय चिकित्सा पद्धतियों (आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा) के माध्यम से लोगों को तनाव से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
शुरुआत में दिल्ली के पांच आयुष कॉलेजों में लोगों को तनाव से मुक्ति की चिकित्सा सेवा दी जाएगी। यह सुविधा मंगलवार और शुक्रवार को उपलब्ध होगी। लेकिन इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल रहने के बाद दिल्ली के सभी जिलों में कम से कम एक आयुष अस्पताल में लोगों को तनाव से मुक्त रखने के लिए इलाज मिल सकेगा। स्ट्रेस मैनेजमेंट की चिकित्सा में लोगों को योग और व्यायाम के माध्यम से तनाव कम करने के साथ-साथ उपयुक्त भोजन और सही जीवन शैली अपनाने की जानकारी भी दी जाएगी जिससे वे अपनी जीवन शैली में बदलाव कर तनाव से मुक्ति पा सकें।
इन पांच अस्पतालों से हो रही शुरुआत
शुरुआत में आयुर्वेदिक एवं यूनानी तिब्बिया कॉलेज एवं अस्पताल, नेहरू होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान, डॉक्टर बी.आर. सूर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के साथ ही इहबास हॉस्पिटल में हर मंगलवार और गुरुवार को नियमित रूप से मानसिक तनाव पर ओपीडी की सेवाएं दी जाएंगी। बाद में इसे हर जिले में तनाव पर ओपीडी सुविधा मिलेगी।
आयुष चिकित्सा पद्धतियों में हर्बल औषधियां, होम्योपैथिक दवाएं, पंचकर्म, योग एवं ध्यान मॉड्यूल, प्राणायाम के साथ-साथ जीवनशैली परामर्श देकर मानसिक तनाव में मदद दी जाएगी। इसके माध्यम से चिंता, थकान, अनिद्रा और मानसिक तनाव, अन्य भावनात्मक समस्याओं यानी मनोदैहिक रोगों को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही लोगों के जीवन की समग्र स्वास्थ्य गुणवत्ता में भी वृद्धि होगी।
लोग तनाव को गंभीरता से नहीं लेते- मंत्री
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि आज की दौड़ती-भागती जिंदगी और आधुनिक जीवनशैली में तनाव सबसे आम स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बन गया है। जब तक यह गंभीर बीमारी का रूप धारण न कर ले, लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा कि आयुष स्ट्रेस मैनेजमेंट ओपीडी के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को जोड़ते हुए एक समग्र, निवारक और सुलभ समाधान उपलब्ध करा रहे हैं। यह कोशिश बड़े अस्पतालों में मरीजों का बढ़ता बोझ कम करेगी, व्यक्तियों को अधिक स्वस्थ, संतुलित और तनाव-मुक्त जीवन जीने में भी सक्षम बनाएगी।