टेक धोखाधड़ी में वांछित अंगद सिंह चंडोक पर शिकंजा कसने में सीबीआई को बड़ी सफलता मिली है। अंगद सिंह को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। अब अंगद के खिलाफ भारत में मुकदमा चलेगा। अमेरिकी अदालत ने 2022 में चंडोक को एक अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहायता घोटाले का हिस्सा होने के लिए दोषी ठहराया था। उसने अमेरिकियों, जिनमें से कई बुजुर्ग हैं, से उनकी जीवन भर की बचत को ठगा था। सीबीआई के मुताबिक अमेरिकी अदालत ने चंडोक को छह साल जेल की सजा सुनाई थी। अंगद सिंह चंडोक कैलिफोर्निया में, लंबे समय से चलने वाला और जटिल मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क चला रहा था।
इसमें उसने ऑनलाइन तकनीकी सहायता योजना और बाद में एक ऑनलाइन यात्रा शुल्क योजना के माध्यम से अमेरिकियों से चुराए गए लाखों डॉलर को स्थानांतरित करने के लिए फर्जी कंपनियां बनाईं और उनका इस्तेमाल किया। चंडोक, जिसके निर्देश पर कम से कम पांच अन्य लोग काम कर रहे थे, इस योजना के उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय सदस्यों के साथ सीधे संपर्क में था। चंदोक के मनी लॉन्ड्रिंग व्यवसाय ने अमेरिका में धोखाधड़ी योजना में शामिल लोगों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वालों के बीच एक आवश्यक कड़ी जोड़ी। सीबीआई लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया के जरिये उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही थी। अब सीबीआई उसे अदालत में पेश करेगी और आगे की जांच के लिए उसकी हिरासत की मांगेगी।
अमेरिका में धन शोधन मामले में हुई छह साल की सजा
अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने के दौरान, चंडोक तकनीकी घोटाले करने वाले अपराधियों के एक गिरोह में शामिल हो गया। यह गिरोह अमेरिकी वरिष्ठ नागरिकों की बचत को ठग रहा था। चंडोक ने मनी लॉन्ड्रिंग चैनलों के जरिए अपराध की आय को भारत में भेजा था। अमेरिकी न्याय विभाग ने 2022 में बताया था कि चंडोक ने ऑनलाइन तकनीकी सहायता योजना और बाद में एक ऑनलाइन यात्रा शुल्क जैसी योजना का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों के लाखों डॉलर चुराएं। चंडोक को 2022 में रोड आइलैंड की एक अदालत ने धनशोधन के आरोप में छह साल के कारावास की सजा सुनाई थी। चंडोक ने मामले में अपना दोष स्वीकार कर लिया । न्याय विभाग ने कहा, "अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, अमेरिका में चंडोक की आपराधिक गतिविधियां दो वर्षों तक चली, जिस दौरान उसने कम से कम 1.5 मिलियन डॉलर का घपला किया। सरकारी साक्ष्यों से पता चला कि केवल एक महीने में उसने लगभग 930,000 डॉलर का गबन किया।