फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फ्रांस आर्मी ने दिया 180 रॉफेल का ऑर्डर, पूरा करने के लिए शिक्षण संस्थानों में पहुंची दसॉ एविएशन

Thu, 30 Jul 2020 11:50 AM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दसॉ एविएशन ने राफेल, फाल्कन और दूसरे विमानों की तकनीक में बदलाव करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखे हैं। कर्मियों को साल में कई बार ट्रेनिंग पर भेजा जाता है। इंजीनियरों की वह टीम जो लड़ाकू जहाजों की तकनीक अपडेट करने का खाका तैयार करती है, उसकी सलाह पर ट्रेनिंग बैच का चयन होता है...
विज्ञापन
Dassault - फोटो : File Photo
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

'राफेल' जैसे घातक लड़ाकू विमान बनाने वाली फ्रांस की कंपनी 'दसॉ एविएशन' की खास तकनीक का अहसास दुनिया के अधिकांश देशों को है। कंपनी ने अभी तक 90 से अधिक देशों को दस हजार से ज्यादा सैन्य और नागरिक विमान बेचे हैं। 'राफेल' खास है, इसलिए अब फ्रांस के स्कूल-कालेजों में स्टूडेंट को इस तकनीक से जोड़ने के लिए निर्माण कंपनी ने विशेष मुहिम शुरू की है।

विज्ञापन

दसॉ एविएशन, शैक्षणिक संस्थानों में जाकर स्टूडेंट को राफेल एवं दूसरे लड़ाकू जहाजों की तकनीक से अवगत करा रही है। उनसे आग्रह किया जा रहा है कि वे दसॉ एविएशन के साथ काम शुरू करें। फ्रांस की सेना भी इस विमान पर सबसे अधिक भरोसा करती है, इसलिए उसने दसॉ को 180 राफेल सप्लाई करने का ऑर्डर दिया है। इनकी डिलीवरी 2022 से शुरू होगी। इनमें एडीशनल बैच वाले एफ 4 स्टैंडर्ड राफेल भी शामिल हैं।

दसॉ एविएशन ने राफेल, फाल्कन और दूसरे विमानों की तकनीक में बदलाव करने के लिए लगातार प्रयास जारी रखे हैं। कर्मियों को साल में कई बार ट्रेनिंग पर भेजा जाता है। इंजीनियरों की वह टीम जो लड़ाकू जहाजों की तकनीक अपडेट करने का खाका तैयार करती है, उसकी सलाह पर ट्रेनिंग बैच का चयन होता है।
विज्ञापन


ट्रेनिंग बैच के प्रशिक्षण पर कर्मियों के वार्षिक मूल वेतन का तीन फीसदी हिस्सा खर्च किया जाता है। कंपनी की विशेषज्ञता को बनाए रखने और सभी उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते रहें, इसके लिए कर्मियों को बुनियादी प्रशिक्षण के अलावा विशिष्ट प्रशिक्षण पाठ्यक्रम मुहैया कराते हैं।

राफेल की वह तकनीक, जिसका लोहा दुनिया मानती है, उससे छात्रों को अवगत कराने के लिए विशेष मुहिम शुरू की गई है। इंटीग्रेटिंग टैलेंट योजना के तहत दसॉ फ्रांस के स्कूल कालेजों में नियमित दौरा करती है। दसॉ एविएशन के कर्मी, जिन्हें राजदूत का दर्जा मिलता है, वे स्कूलों, कालेजों, विश्वविद्यालयों और प्रशिक्षण केंद्रों में जाकर छात्रों व शिक्षकों से संपर्क करते हैं।

उन्हें एयरोस्पेस उद्योग की जरूरतों के बारे में बताते हैं। उसके पाठ्यक्रम की जानकारी दी जाती है। जिन स्टूडेंट की एविएशन तकनीक में रूचि होती है, उन्हें ट्रेनिंग का प्रस्ताव दिया जाता है। कंपनी का मकसद है कि फ्रांस की नई पीढ़ी एविएशन उद्योग के साथ अधिक संख्या में जुड़े।

ऐसे छात्र, जिनकी प्रतिभा एविएशन को लेकर उच्च स्तर पर होती है, उन्हें प्रोजेक्ट कार्य दिया जाता है। इसके लिए उन्हें भत्ता भी मिलता है। मार्सेल दसॉ शुरू किए गए सामाजिक मॉडल के तहत विभिन्न प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए कर्मियों को भी प्रोत्साहन भुगतान मिलता है।

मूल कंपनी द्वारा प्रोत्साहन भुगतान के लिए एक अत्याधिक अनुकूल प्रणाली लागू की गई है। मूल कंपनी ने सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 23.7 मिलियन यूरो का भुगतान किया है, जो कुल वेतन के पांच फीसदी के बराबर है।

एल्स बुजेंट (वूमन ऑन द मूव) एसोसिएशन के माध्यम से, दसॉ एविएशन द्वारा महिला जूनियर हाई और हाई स्कूल के स्टूडेंट के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देकर एयरोस्पेस उद्योग में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें