भारत और चीनी सेना के कमांडरों ने पेंगोंग सो और देपसांग जैसे गतिरोध वाले स्थानों से समयबद्ध तरीके से पीछे हटने के लिए अहम बैठक की। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास पीछे के सैन्यअड्डों से बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों को हटाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को अहम वार्ता हुई। सरकार के सूत्रों ने अनुसार लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की चौथे चरण की वार्ता एलएसी पर भारत की तरफ चुशुल में सुबह करीब 11 बजकर 30 मिनट पर शुरू हुई।
सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्ष अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में पूरी तरह से शांति स्थापित करने के लिए एक खाके को भी अंतिम रूप दे सकते हैं, जहां दोनों देशों के सैनिकों के बीच आठ हफ्ते तक गतिरोध चला।
संघर्ष के स्थानों से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया के पहले चरण को लागू करने के बाद यह वार्ता हो रही है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि चीनी सेना ने गोगरा, हॉट स्प्रिंग और गलवां घाटी से सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है।