परिवार परामर्श केंद्र में यह मामला महिला की ओर से शराब पीकर पीटने और दहेज प्रताड़ना के रूप में आया है। पति पत्नी पर लांछन लगाने के साथ तलाक लेने की बात कर रहा है। कांउसलर अब तक जो समझ पाए हैं वो ये है कि महिला औलाद नहीं दे पा रही है इसलिए पति उसे छोड़ना चाहता है।
इस महिला की कहानी में तीन पात्र और हैं जो उसे तलाक दे चुके हैं। पहले का मन दूसरी पर आ गया दूसरे को दहेज चाहिए था और तीसरे को औलाद, अब ये चौथा भी औलाद ही मांग रहा है, ये जो चौथा है उसका भी यह तीसरा निकाह है।
परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर्स फिलहाल इसी प्रयास में हैं कि 38 साल के करीब हो चुकी यह महिला एक बार फिर सड़क पर न आ जाए और उसका वर्तमान शौहर उसे अपने घर में रहने दे। महिला तलाक नहीं चाहती। काउंसलर शरीयत की रोशनी में मसले का हल ढूंढ रहे हैं। सात दिन बाद दोनों के परिवार के लोगों को बुलाया है, ताकि शौहर और बीवी के बीच समझौते का प्रयास हो सके।
नवाबगंज निवासी महिला के मुताबिक सात साल पहले नगरिया कला के जाहिद से उसका पहला निकाह हुआ था। करीब डेढ़ साल बाद शौहर के दूसरी महिला से संबंध होने के बाद रिश्तों में खटास आ गई। शौहर ने उसको तलाक दे दिया। दूसरा निकाह सीबीगंज के धुंसा गांव के पप्पू से हुआ था। पप्पू से रिश्ते सिर्फ छह महीने कायम रह सके। पप्पू ने दहेज के लिए महिला को जिंदगी से बेदखल करके तलाक दे दिया।
तीसरा निकाह सोनू निवासी गौटिया से करवाया गया। जिंदगी एक बार फिर पटरी पर दौड़ पड़ी, लेकिन दो साल में ही सोनू से महिला के झगड़े शुरू हो गए। महिला के औलाद नहीं हो रही थी। लिहाजा करीब दो साल के बाद सोनू ने भी महिला को तलाक दे दिया।
परिवार ने आठ महीने पहले इज्जतनगर के बिहारमान नगला के शमशाद से निकाह करवाया। शमशाद महिला की फुफेरी बहन के परिवार से है। शमशाद का भी यह तीसरा निकाह है। शमशाद ने बताया कि पहली बीवी की चौथे प्रसव के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी।
दूसरा निकाह किया लेकिन एक साल के बाद बीवी को किन्नर करार देकर तलाक दे दिया था। शमशाद के पहली बीवी से तीन औलाद हैं। अब वह तीसरी बीवी से भी तलाक लेना चाहता है। शौहर को बीवी पर शक भी होता है। हालांकि काउंसलर के अनुसार शौहर औलाद चाहता है, जो बीवी नहीं दे पा रही है।
''महिला की तहरीर में दहेज प्रताड़ना और शराब पीकर मारपीट के आरोप लगाए हैं। दहेज प्रताड़ना अधिनियम के पति पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि महिला के लिए हम शरीयत का सहारा भी ले रहे हैं। दोनों के बीच समझौते का प्रयास करवाया जा रहा है। अगर दोनों के बीच बात नहीं बनती तो एसएसपी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। ताकि पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा सके।''
-खलील कादरी, काउंसलर, परिवार परामर्श केंद्र