कोल आवंटन स्कैम मामले में सीबीआई के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चार अतिरिक्त अधिकारियों को एसआईटी जांच के लिए नियुक्त किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में सक्त रवैया अपनाते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बिना अधिकारियों को जांच के दौरान ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। एससी में केस की सुनवाई 21 जुलाई तक जारी रहेगा।
Officers can't be re-deputed or transferred without Supreme court’s permission. Hearing to continue on 21st July.— ANI (@ANI_news) July 10, 2017
गौरतलब हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस साल 23 जनवरी को सिन्हा के खिलाफ जांच के लिए एसआईटी का गठन करने के निर्देश दिए थे। इस एसआईटी में एम एल शर्मा की कमेटी ने जांच में रंजीत सिन्हा को दोषी पाया था। जिसके बाद कमेटी ने वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा कोर्ट में दी गई रंजीत सिन्हा के सरकारी आवास की विजिटर्स डायरी को सही करार दिया था।
बता दें कि रंजीत सिन्हा साल 1974 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वो 2012 से 2014 के बीच सीबीआई निदेशक थे। रंजीत सिन्हा पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद पर रहते हुए कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच प्रभावित करने की कोशिश की।