आजाद परिंदों की चहचहाहट में दुनियावी शोर-गुल को भुलाने और उनके खूबसूरत परवाज को घंटों निहारने वाले पक्षी प्रेमियों के लिए चार दिवसीयबर्ड-ए-थॉन की 18 फरवरी से शुरुआत होगी। इस अभियान के तहत देशभर के पक्षी प्रेमी विभिन्न पक्षियों की प्रजातियों को देखेंगे और उसके बारे में जानकारीदर्ज करेंगे।
संगठन की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट (जीबीबीसी) में दुनियाभर के एक लाख से ज्यादा पक्षी प्रेमी भाग लेते हैं। पिछलेसाल पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के बारे देश भर के पक्षी प्रेमियों ने रिकॉर्ड तैयार किया था।
भारत को इस अभियान में दुनिया में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ था।स्टेला मैरिस कॉलेज, चेन्नई की प्रोफेसर विद्या स्वामीनाथन ने कहा, मैं हर साल जीबीबीसी और सीबीसी का इंतजार करती हूं। इसके जरिये देशभर के साथ हीदुनियाभर के पक्षी प्रेमी पक्षियों को निहारने और उनके बारे में रियल टाइम चेक लिस्ट तैयार करने में मदद करते हैं।
यह हमारे आस पास उनके जीवन मेंबदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण है। वर्ष 2021 में भारत पक्षियों की प्रजातियों के बारे में सूचना देने में कोलंबिया के बाद दूसरे स्थान पर था।
वहीं, चेक लिस्टअपलोड करने के मामले में अमेरिका और कनाडा के बाद तीसरे नंबर पर था। भारत में तीन जो सबसे ज्यादा पक्षी दिखे, उनमें मैना, बुलबुल और तोता थे।
बतादें, बर्ड काउंट इंडिया विभिन्न पक्षी प्रेमी संगठनों का एक समूह है। यह पक्षियों के बारे में लोगों की जानकारी को बढ़ाने और यह बताने का प्रयास करता है किकहां किन प्रजातियों के पक्षियों की संख्या अधिक है। यह संगठन पक्षियों की निगरानी के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता है और इससे जुड़ेसंगठनों की मदद करता है।