बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना (फाइल फोटो)
बांग्लादेश गंभीर जलवायु परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और अगर यही हालात रहे तो देश के चार करोड़ लोग विस्थापन के लिए मजबूर हो जाएंगे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संसद में एक सवाल के जवाब में जलवायु परिवर्तन के खतरे पर गंभीर चिंता जताई और इससे बचने के लिए कई उपाय करने का ऐलान भी किया। शेख हसीना ने कहा कि जहां एक तरफ देश का औसत तापमान आधे से एक डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है, वहीं बंगाल की खाड़ी में तूफान और देश में जरूरत से ज्यादा बारिश होने से भी स्थितियां लगातार खराब हो रही हैं।
शेख हसीना ने इसका सबसे ज्यादा असर मछुआरों और किसानों पर पड़ा है। खासकर समुद्र का पानी करीब सौ किलोमीटर के दायरे में नदियों में समा रहा है और इससे पैदा होने वाले खतरे को देखते हुए उनकी सरकार इससे निपटने की कारगर योजना बनाने में जुटी है। उन्होंने जानकारी दी कि देश के 2400 में से 1920 औद्योगिक इकाइयों ने अपने यहां प्रदूषण रोकने के लिए संयंत्र लगा लिए हैं और औद्योगिक कचरे पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
बांग्लादेश सरकार शेख मुजीबुर्रहमान की जन्मशती के मौके पर इस साल एक करोड़ पेड़ भी लगाने जा रही है। वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक समुद्र तल की सतह में तेजी से हो रही बढोतरी से पैदा होने वाले खतरे को देखते हुए यह आशंका है कि इससे करोड़ों लोग विस्थापित हो सकते हैं। गौरतलब है कि इसी सात जनवरी को बांग्लादेश हाईकोर्ट ने सरकार को तत्काल पॉलीथिन और प्लास्टिक पर बैन लगाने का आदेश दिया है।