साहसिक कदम उठाएंगे
अमेरिका के प्रशांत कमान के एडमिरल हैरी हैरिश ने कहा कि चतुष्कोणीय समूह ने काफी प्रगति की है। एडमिरल हैरिश ने कहा कि समुद्री सुरक्षा, शांति और स्वतंत्र नौवहन की भावी चुनौतियों को देखते हुए इस साल कुछ साहसिक कदम उठाए जाएंगे। एक सवाल के जवाब में एडमिरल हैरिश ने कहा कि यदि इस क्षेत्र में खुलापन, शांति और सुरक्षा का वातावरण हो तो अमेरिका के लिए इस क्षेत्र में दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे में माना यह जा रहा है कि पिछले सालों की तरह अमेरिका इस बार भी दक्षिण चीन सागर में अपना जंगी बेड़ा, लड़ाकू विमान आदि भेज सकता है। वहीं जापान के एडमिरल कात्सूतोशी क्वानों ने कहा कि चीन पूर्वी चीन सागर और दक्षिण चीन सागर में आक्रामक नीतियां अपना रहा है। वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन नहीं कर रहा है।
एडमिरल क्वानों ने कहा कि चीन की यह नीतियां उसे आइसोलेट करती जा रही है। उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र में उनका देश विवादों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। दक्षिण चीन सागर में अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए और पारदर्शिता अपनाने पर सभी देशों को जोर देना चाहिए। एडमिरल क्वानो ने कहा कि क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा के लिए चारों देशों की यह पहल पूरे विश्व समुदाय के लिए काफी अहम है। ऑस्ट्रेलिया के वाइस एडमिरल टिम बैरेट ने भी सभी देशों को मिलकर विश्वास का माहौल बनाने की जरूरत पर जोर दिया।