फोर्टिस हेल्थकेयर को चलाने वाले सिंह भाईयों के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को छोटे भाई शिविंदर मोहन सिंह ने अपने बड़े भाई मलविंदर मोहन सिंह के साथ सुलह करने के साथ ही साथ काम करने की संभावना से साफ इंकार कर दिया। दोनों के बीच लड़ाई में ट्विस्ट तब आया जब मलविंदर ने अपने छोटे भाई पर आरोप लगाया कि उसने उनपर हमला किया है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी देखा जा रहा है। जिसमें मलविंदर का दावा है कि शिविंदर ने एक कंपनी के साथ हो रही बोर्ड बैठक के दौरान उनपर हमला किया था। इसका सबूत देने के लिए उन्होंने चोट वाली अपनी एक तस्वीर भी वाट्सऐप पर पोस्ट की थी।
आरोपों पर शिविंदर का कहना है, 'मेरी छवि खराब करने के लिए इस तरह के झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। कुछ समय पहले ही मुझे यह स्पष्ट हो गया था कि मैं और मलविंदर साथ काम नहीं कर सकते हैं। हमारे मूल्यों के बीच की खाई बहुत व्यापक है। हालिया प्रकरण ने साथ काम करने की सभी संभावनाओं को खत्म कर दिया है।'
दोनों के बीच हालिया लड़ाई तब हुई जब कथित तौर पर शिविंदर ने प्रायस रियल एस्टेट से वसूली के लिए होने वाली बोर्ड बैठक को बाधित करने की कोशिश की। उनका दावा है कि प्रियस ने गुरिंदर सिंह ढिल्लन की कंपनियों और उनके परिवार को 2,000 करोड़ रुपए का कर्ज दिया था। जिसकी वसूली के लिए बोर्ड बैठक हो रही थी जिसमें शिविंदर ने दखल देने की कोशिश की।
घटना को लेकर शिविंदर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह अपने दफ्तर एक बैठक के लिए गए थे। वहां पहुंचने पर मुझे पता चला कि एक निदेशक अनावश्यक रणनीतिक के कारण बोर्ड बैठक छोड़कर चला गया है। इस रणनीतिक को बोर्ड के दूसरे सदस्य और मलविंदर के रिश्तेदार ने अपनाया था। शिविंदर ने आगे कहा, 'मलविंदर जबरन कुछ कर्मचारियों पर एक विडियो बयान रिकॉर्ड करने का दबाव बना रहा था। यह देखकर कर्मचारियों को लेकर मैं चिंतित हुआ और अंदर जाकर यह समझने की कोशिश की कि आखिर हो क्या रहा है। मुझे वहां देखकर मलविंदर गुस्से में आ गया। उसने मुझे जबरन वहां से दूर करना चाहा और मुझे दीवार पर सटा दिया। अपनी आत्म रक्षा में मैंने उसे धक्का दिया।'