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'बड़े-बड़े पत्थर मारे': ममता के काफिले पर हमला, प्रदर्शनकारियों ने फेंके पत्थर-जूते; पुलिस पर लगाया आरोप

Sun, 09 Aug 2026 03:28 PM IST
राहुल कुमार आईएएनएस, नई दिल्ली

सार

पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर कुछ प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। हमले के बाद ममता ने आरोप लगाया कि, उन्हें पुलिस की मौजूदगी में निशाना बनाया गया।
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ममता के काफिले पर हमला। - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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 पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलीशहर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को रोककर उनकी गाड़ी पर कीचड़, पानी की बोतलें और जूते-चप्पल फेंके। ममता बनर्जी ने दावा किया कि पुलिस की मौजूदगी में यह सब हुआ है।

ममता बनर्जी एक दिवंगत टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। इसी दौरान हलीशहर में पहले से मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को रोक दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और भीड़ ने उनकी गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी भी की।

खिड़कियां खुली होतीं तो मेरा सिर फट जाता- ममता

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घटना के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि असामाजिक तत्वों ने पुलिस के सामने ही मेरी कार पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। गाड़ी पर हमला इतना जबरदस्त था कि अगर खिड़कियां खुली होतीं तो मेरा सिर फट जाता। हम सब मारे जा सकते थे। यह सब पुलिस के सामने हुआ। मैंने ऐसा कुछ कभी नहीं देखा। यह क्या हो रहा है। उन्होंने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पुलिस भाजपा को सुरक्षा दे रही है। ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

जानकारी के मुताबिक ममता बनर्जी, जिस टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं, उसकी शुक्रवार को पुलिस कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसी मामले को लेकर इलाके में पहले से तनाव का माहौल था।

पूर्व सीएम का काफिला जैसे ही हलीशहर पहुंचा, वहां मौजूद गुस्साई भीड़ ने वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने ममता बनर्जी की गाड़ी पर कीचड़, पानी की बोतलें और जूते-चप्पल फेंके। ममता बनर्जी का आरोप है कि इसी दौरान पत्थर और ईंटें भी फेंकी गईं।

कल्याण बनर्जी ने राज्य सरकार पर साधा निशाना

ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को लेकर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस विभाग का 12 बजा दिया है।"

 

 

क्या है हिरासत में मौत का मामला?

दरअसल, ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और पूर्व पार्षद के पति बिरजू केओट के घर पहुंची थीं। उनकी कल संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। परिजनों ने पुलिस पर बेरहमी से पीटने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया था।

मृतक के परिवार का आरोप है कि शुक्रवार रात पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके ले गई थी। परिवार का दावा है कि पुलिस लॉकअप में उन्हें बुरी तरह पीटा गया। अगले दिन वह पुलिस लॉकअप में अचेत अवस्था में मिले थे।

मृतक की पत्नी का दावा है कि वह रात में अपने पति से मिलकर आई थीं और उस समय वह ठीक थे। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर सुबह उनके पति की मौत की खबर कैसे आई। पत्नी का आरोप है कि उनके पति के साथ पुलिस हिरासत में मारपीट की गई थी। मृतक की पत्नी ने यह भी दावा किया कि उनके पति के शरीर पर चोट और खून के गहरे निशान थे। उनका आरोप है कि उन्हें रस्सी से बांधकर पीटा गया था।

गौर करने वाली बात यह है कि जब से बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ है, तब से टीएमसी नेताओं को निशान बनाया जा रहा है। टीएमसी सांसदों और विधायकों के बाद अब टीएमसी प्रमुख को निशाना बनाया गया है, जिस दौरान यह हमला हुआ, ममता बनर्जी के साथ पार्टी के अन्य सांसद भी मौजूद थे।

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