फायरब्रांड छवि रखने वाले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व नेता प्रवीण तोगड़िया ने रविवार को अपने नए संगठन 'अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद' का गठन किया है। इस मौके पर उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा, "नई टीम बनी है वह अपना काम करेगी। टीम बदली है लेकिन तेवर नहीं बदले हैं।" रिपोर्ट्स के मुताबिक, तोगड़िया मंगलवार यानी 26 जून को अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे। साथ ही इस दौरान वो भाजपा के खिलाफ एक सभा भी करेंगे।
इस दौरान तोगड़िया ने ऐलान किया कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, संगठन देश- विदेश के सभी जाति, व्यवसाय, भाषा, राज्य, पंथ, लिंग के हिंदुओं के सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक अधिकारों के लिए काम करेगा। एएचपी के साथ राष्ट्रीय बजरंग दल, राष्ट्रीय किसान परिषद, राष्ट्रीय मजदूर परिषद (40 वर्ष से ऊपर के लिए), ओजस्विनी (युवतियों के लिए) और राष्ट्रीय छात्र परिषद (छात्र, अध्यापक और अभिभावकों के लिए) अन्य संगठन भी घोषित किए गए। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के देशभर में 500 से ज्यादा जिलें होंगे।
उन्होंने बताया कि पहले से चल रहे हिंदू हेल्प लाईन, इंडिया हेल्थ लाईन, एक मुट्ठी अनाज, हिंदू एडवोकेट्स फोरम और यूथ सोशिओ-इकनॉमिक डेवलपमेंट फोरम आदि कार्य भी शुरू रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि तोगड़िया ने 27 मई को अपना नया संगठन बनाने की बात कही थी। इस दौरान तोगड़िया ने नरेंद्र मोदी सरकार की तीखी आलोचना करते हुए उस पर अपने वादों से पीछे हटने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया था। उन्होंने मोदी सरकार के प्रदर्शन को माइनस 25 प्रतिशत की रेटिंग देते हुए कहा था कि पीएम की विदेश नीति बेहद दयनीय है।
तोगड़िया ने कहा था कि बड़े सपने बेचना ही काफी नहीं है। राष्ट्र निर्माण काम की सत्यता पर आधारित था, जो अभी वास्तव में दिखाई देना बाकी है। उन्होंने दावा किया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं कि मोदी सरकार सैद्धांतिक, सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर कुछ करती नहीं दिखाई दी और कई मौकों पर यू-टर्न ले गई। उन्होंने सरकार से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून पारित कराने, गोवध पर प्रतिबंध लगाने और जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 को हटाने के साथ देश में यूनिफार्म सिविल कोड लागू कराने की मांग की थी।
बता दें कि तोगड़िया ने 14 अप्रैल को तब विहिप का साथ छोड़ दिया था, जब संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए गुड़गांव में हुए चुनाव में उनके समर्थित उम्मीदवार राघव रेड्डी को हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल वीएस कोकजे ने हरा दिया था।