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राम मंदिर बनाने को लेकर वीएचपी और तोगड़िया की एएचपी में शुरू हुई जंग

Sun, 24 Jun 2018 03:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Amar Ujala
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फायरब्रांड छवि रखने वाले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व नेता प्रवीण तोगड़िया ने रविवार को अपने नए  संगठन 'अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद' का गठन किया है। इस मौके पर उन्होंने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा, "नई टीम बनी है वह अपना काम करेगी। टीम बदली है लेकिन तेवर नहीं बदले हैं।"  रिपोर्ट्स के मुताबिक, तोगड़िया मंगलवार यानी 26 जून को अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे। साथ ही इस दौरान वो भाजपा के खिलाफ एक सभा भी करेंगे। 

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इस दौरान तोगड़िया ने ऐलान किया कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद, संगठन देश- विदेश के सभी जाति, व्यवसाय, भाषा, राज्य, पंथ, लिंग के हिंदुओं के सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक अधिकारों के लिए काम करेगा। एएचपी के साथ राष्ट्रीय बजरंग दल, राष्ट्रीय किसान परिषद, राष्ट्रीय मजदूर परिषद (40 वर्ष से ऊपर के लिए), ओजस्विनी (युवतियों के लिए) और राष्ट्रीय छात्र परिषद (छात्र, अध्यापक और अभिभावकों के लिए) अन्य संगठन भी घोषित किए गए। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के देशभर में 500 से ज्यादा जिलें होंगे। 

उन्होंने बताया कि पहले से चल रहे हिंदू हेल्प लाईन, इंडिया हेल्थ लाईन, एक मुट्ठी अनाज, हिंदू एडवोकेट्स फोरम और यूथ सोशिओ-इकनॉमिक डेवलपमेंट फोरम आदि कार्य भी शुरू रहेंगे। 
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उल्लेखनीय है कि तोगड़िया ने 27 मई को अपना नया संगठन बनाने की बात कही थी। इस दौरान तोगड़िया ने नरेंद्र मोदी सरकार की तीखी आलोचना करते हुए उस पर अपने वादों से पीछे हटने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया था। उन्होंने मोदी सरकार के प्रदर्शन को माइनस 25 प्रतिशत की रेटिंग देते हुए कहा था कि पीएम की विदेश नीति बेहद दयनीय है। 

तोगड़िया ने कहा था कि बड़े सपने बेचना ही काफी नहीं है। राष्ट्र निर्माण काम की सत्यता पर आधारित था, जो अभी वास्तव में दिखाई देना बाकी है। उन्होंने दावा किया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा से जुड़े बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं कि मोदी सरकार सैद्धांतिक, सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर कुछ करती नहीं दिखाई दी और कई मौकों पर यू-टर्न ले गई। उन्होंने सरकार से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून पारित कराने, गोवध पर प्रतिबंध लगाने और जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 को हटाने के साथ देश में यूनिफार्म सिविल कोड लागू कराने की मांग की थी।

बता दें कि तोगड़िया ने 14 अप्रैल को तब विहिप का साथ छोड़ दिया था, जब संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए गुड़गांव में हुए चुनाव में उनके समर्थित उम्मीदवार राघव रेड्डी को हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल वीएस कोकजे ने हरा दिया था।

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श्रीराम जन्मभूमि व सामाजिक समरसता रहेंगे बैठक के केन्द्र बिन्दु : जस्टिस कोकजे

विश्व हिन्दू परिषद की केन्द्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक रविवार को राजधानी दिल्ली के राजघाट स्थित गांधी स्मृति दर्शन समिति, में महामण्डलेश्वर पू0 स्वामी राघवानंद जी के आशीर्वचन से प्रारंभ हुई। अपने उद्घाटन उद्बोधन में विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) श्री विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या में भव्य मंदिर हेतु सैकड़ों वर्षों के संघर्ष की परिणिती का समय निकट है।

1984 से सदा ही श्रीराम जन्मभूमि का मामला हमारे कार्य का केन्द्र बिन्दु रहा है और मंदिर की भव्यता तक रहेगा। माननीय उच्चतम न्यायालय से आग्रह है कि वह शीघ्रताशीघ्र अपना निर्णय सुनाए। सामाजिक समरसता के संदर्भ में विहिप की प्रतिबद्धता पर उन्होंने कहा कि 54 वर्षों में छुआ-छूत के उन्मूलन हेतु हमने अनेक कार्य किये हैं किन्तु बहुत कुछ किया जाना अभी बाकी है। विषमता किसी धर्म से जुड़ी न होकर एक मानसिक विकृति है जिसे व्यक्तिगत आचरण के द्वारा ही दूर किया जा सकता है। यह सिर्फ सरकार का नहीं बल्कि सम्पूर्ण समाज की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक पिछड़े  को गले लगाकर आगे बढ़ाए।

23 जून को डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस तथा 25 जून 1975 को आपातकाल के आक्रमण को याद करते हुये उन्होंने कहा कि हमारी इस बैठक की तिथियों से शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिन्दू साम्राज्य दिवस का पावन दिन भी जुड़ा है। छद्म धर्म-निरपेक्ष लोगों पर प्रहार करते हुये उन्होंने कहा कि यह विहिप व हिन्दू समाज के कार्यों का ही परिणाम है कि जो लोग कल तक हम पर प्रहार करते थे आज जनेऊधारी हिन्दू बनने का दिखावा कर रहे हैं। हमारी इस बैठक में आये पदाधिकारियों को धर्म-परिवर्तन, गौ-हत्या, विदेशी घुसपैठ हिन्दू मानबिन्दुओं पर आक्रामण सहित अन्य धार्मिक सामाजिक व राष्ट्रीय विषयों पर चर्चा कर उनका समाधन ढूंढ़ना होगा।
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