Former US President Jimmy Carter: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर का 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कार्टर ने संयुक्त राज्य अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। भारत के साथ उनका खास रिश्ता रहा है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर लोनावाला के पास एक गांव में रहने वाले कम आय वाले 100 परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मुंबई से करीब 80 किलोमीटर दूर पाटन गांव में 2006 में कार्टर ने लोगों को उनके घर बनाने में मदद की थी। उस साल अक्तूबर में कार्टर ने खुद एक कारपेंटर (बढ़ई) के रूप में काम किया था।
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कम आय वर्ग के लोगों के लिए ये घरों गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) हैबिटेट फॉर ह्यूमैनिटी के तहत बनाए गए थे। कार्टर ने घरों के निर्माण में अपने बढ़ईगीरी (कारपेंटरी) कौशल का स्वेच्छा से योगदान दिया था और एनजीओ को बढ़ावा देने के लिए धन भी जुटाए थे। उनके साथ उनकी पत्नी रोसलीन और लगभग 2,000 स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय वॉलंटियर ने भी निर्माण कार्यों में हिस्सा लिया था, जिनमें हॉलीवुड स्टार ब्राड पिट और बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम भी शामिल थे।
दरअसल, 1976-80 तक अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति रहे कार्टर बढ़ई का काम करने में दक्ष थे। 1980 में अमेरिकी राष्ट्रपति पद से हटने के बाद 1984 में वह एनजीओ से जुड़े थे। उन्होंने हर साल एक सप्ताह के लिए एनजीओ के साथ काम करने का संकल्प लिया था। चूंकि वह बढ़ई का काम जानते थे, इसलिए भवन निर्माण में वह यह काम करते थे।
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उनकी मां ने कुष्ठ कॉलोनी में काम किया
एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि उनकी मां लिलियन 67 साल की उम्र में पीस कोर नामक संस्था से जुड़ी थीं और मुंबई के पास कुष्ठ कॉलोनी में काम किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वह मुंबई के बहुत करीब विक्रोली गांव में रहती थीं। विक्रोली अब मध्य मुंबई का एक उपनगर है। जॉर्जिया में मूंगलफली की खेती करने वाले पूर्व राष्ट्रपति को नोबेल पुरस्कार मिला था। लंबी बीमारी के बाद रविवार को 100 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। वह अमेरिका के सबसे अधिक समय तक जिंदा रहने वाले पूर्व राष्ट्रपति थे।