अटल बिहारी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे वी धनंजय कुमार (67) का सोमवार को मंगलूरू के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। उनके निधन की खबर प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर दी। चार बार लोकसभा सांसद रहे धनंजय कुमार के पास अटल सरकार में नागरिक उड्डयन, वित्त एवं कपड़ा मंत्रालय का प्रभार था। उनके निधन पर पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा समेत सभी राजनीतिक दलों ने ने दुख व्यक्त किया है।
साल 1983 में पहली बार भाजपा का विधायक बनने के साथ ही उनकी राजनीतिक पारी शुरू हुई। इसके बाद साल 1991 में उन्होंने मंगलौर लोकसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता जनार्दन पुजारी को हराया। साल 1991 से लगातार अगले चार लोकसभा चुनाव में वह सांसद बनने में कामयाब रहे।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा से उनकी काफी करीबी थी और येदियुरप्पा के अलग दल कर्नाटक जनता पार्टी (केजेपी) बनाए जाने पर वह केजेपी में चले गए। येदियुरप्पा के वापस भाजपा में जाने पर धनंजय ने जेडी (एस) का दामन थाम लिया। साल 2015 में घर वापसी करते हुए धनंजय भाजपा में शामिल हो गए, लेकिन 2017 में वह कांग्रेस में चले गए।