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पीएम मोदी ने जिस इंटरव्यू का जिक्र किया, आरिफ मोहम्मद खान ने बताई उसकी पूरी कहानी

Wed, 26 Jun 2019 01:52 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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arif mohammad khan - फोटो : ANI
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लोकसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण पर हुई चर्चा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कांग्रेस को निशाने पर लिया है। पीएम मोदी ने तत्कालीन केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान के एक इंटरव्यू का जिक्र करते हुए कहा कि शाहबानो केस के समय कांग्रेस के एक नेता ने इंटरव्यू के दौरान कहा था कि- मुसलमानों के उत्थान की जिम्मेदारी कांग्रेस की नहीं है। मुसलमान अगर गटर में रहना चाहते हैं, तो उन्हें गटर में ही रहने दो। 
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इस पर अब आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि पीएम मोदी मेरे 6-7 साल पहले इंटरव्यू का उल्लेख कर रहे हैं। उस दौरान शाहबानो केस में कांग्रेस सरकार ने जो फैसला लिया था उसे लेकर मैंने इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के बाद मैं अपने घर से भी चला गया था। 

इसके बाद जब मैं अगले दिन संसद गया तो मुझे अर्जुन सिंह और कांग्रेस के कई नेताओं ने समझाया। वहीं बाद में नरसिम्हा राव ने मुझसे कहा कि तुम बहुत जिद्दी हो, शाहबानो ने भी अपना रुख बदल लिया है। इस्तीफा वापस लेने के लिए मुझपर दबाव बनाया जा रहा था। 
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बता दें कि पीएम मोदी ने तीन तलाक बिल पर कांग्रेस से समर्थन की उम्मीद करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अपनी गलती सुधारने का मौका है। संसद में एक बार फिर बहुचर्चित शाहबानो प्रकरण की याद ताजा कर दी। तीन तलाक के मुद्दे ने 1980 के दशक के शाह बानो प्रकरण पर चर्चा शुरू हो गई है। 

उस समय भी देश की सबसे बड़ी अदालत ने तलाकशुदा शाहबानो के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को बुरी तरह डरा दिया और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को इस्लाम में दखल मानकर केंद्र ने नया कानून बनाया और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू होने से ही रोक दिया गया था और शाहबानो इंसाफ से वंचित रह गई थी। 
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