कांग्रेस के पूर्व नेता अश्विनी कुमार का कहना है कि पार्टी को इस बात का विश्लेषण करना चाहिए कि उसकी अपील क्यों कम हो रही है और साथ ही उसे अपनी पिछली गलतियों को सुधारने की इच्छा दिखानी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस को अपनी विश्वसनीयता स्थापित करने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने न्यायिक नियुक्तियों की वर्तमान कॉलेजियम प्रणाली को बदलने की भी मांग की है। बता दें कि अश्विनी कुमार केंद्रीय कानून मंत्री रह चुके हैं।
कांग्रेस को अपनी विश्वसनीयता स्थापित करनी होगी- अश्विनी
कांग्रेस के पूर्व नेता अश्विनी कुमार ने कहा कि चुनावों में लगातार खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस को खत्म नहीं माना जा सकता। उन्होंने पार्टी को ऐसे गठबंधन बनाने के प्रति आगाह किया जो वैचारिक रूप से टिकाऊ नहीं हैं। कांग्रेस के वर्तमान नेतृत्व को वर्तमान सरकार के लिए एक वास्तविक चुनौती के रूप में अपनी विश्वसनीयता स्थापित करके एक बार फिर अपनी क्षमता साबित करनी होगी।
2022 में कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले अश्विनी कुमार ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि अहमदाबाद में होने वाले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन से राष्ट्र के लिए एक ताज़ा संदेश आएगा जिसमें अपनी पिछली गलतियों को सुधारने और अपने कार्यकर्ताओं एवं नेताओं को सम्मान देने की इच्छा व्यक्त की जाएगी। विपक्ष के दृष्टिकोण से वर्तमान सरकार से मुकाबला करने के लिए विपक्षी एकता आवश्यक है।
अश्विनी कुमार ने अपने रास्ते पर बने रहने और लोकतंत्र एवं न्याय के पक्ष में खड़े रहने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की सराहना की। कुमार ने कहा, लेकिन, यह विश्लेषण करना उनका काम है कि पार्टी का संदेश लोगों तक क्यों नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि गांधी उपहास के बावजूद अपने रास्ते पर अडिग रहे हैं और उन्होंने अपनी वैचारिक लड़ाई जारी रखी है।
कांग्रेस को सलाह-
पूर्व कांग्रेसी नेता ने पार्टी को सलाह देते हुए कहा कि मैं केवल इतना कह सकता हूं कि कांग्रेस को यह स्पष्ट संदेश देना चाहिए कि वह अतीत की अपनी गलतियों को स्वीकार करने के लिए तैयार है, वह सभी स्तरों पर अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्मान के साथ नियुक्त करने के लिए तैयार है और वह मौलिक सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी।
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'कॉलेजियम प्रणाली को बदलने का समय आ गया'
पूर्व कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने रविवार को कहा कि न्यायिक नियुक्तियों की मौजूदा कॉलेजियम प्रणाली को बदलने का समय आ गया है। कांग्रेस के पूर्व नेता ने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति करने संबंधी वैकल्पिक व्यवस्था के पक्ष में जनमत प्रक्रिया मजबूती से आगे बढ़ रही है। पूर्व कानून मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट से भी न्यायाधीशों पर लगने वाले आरोपों सहित न्यायपालिका को प्रभावित करने वाले मुद्दों के समाधान के लिए एक मजबूत आंतरिक तंत्र स्थापित करने का आह्वान किया।
कुमार ने कहा, एनजेएसी के लिए सही समय 2014-15 में ही आ गया था, जब इसे पहली बार प्रस्तावित किया गया था और मतदान के लिए रखा गया था। आज इसके लिए निश्चित रूप से सही वक्त है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए वैकल्पिक तंत्र के पक्ष में जनमत बन रहा है। यह प्रस्तावित एनजेएसी की तर्ज पर या फिर इससे भी कुछ बेहतर हो सकता है। कांग्रेस के पूर्व नेता ने कहा कि सरकार को न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए संशोधित संविधान संशोधन लाने का पूरा अधिकार है।
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यूपीए शासन के दौरान कानून मंत्री के रूप में कुमार के कार्यकाल के दौरान ही एनजेएसी विधेयक का मसौदा तैयार किया गया था, लेकिन बाद में एनडीए के सत्ता में आने के बाद इसे संशोधित रूप में पारित किया गया। अक्तूबर, 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया।