तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी को निजी स्कूलों की मंजूरी से जुड़े कथित 100 करोड़ रुपये से अधिक के मामले में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद डीएमके नेताओं और पुलिस के बीच बहस भी हुई।
तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और डीएमके नेता अनबिल महेश पोय्यामोझी को निजी स्कूलों की मंजूरी से जुड़े कथित 100 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने सोमवार को यह कार्रवाई की। मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने उन्हें 6 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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आरोप है कि निजी स्कूलों के प्रबंधन से मंजूरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे वसूले गए। मामले की जांच कर रही पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद अनबिल महेश से पूछताछ की। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस से भिड़े डीएमके नेता
अनबिल महेश को पुलिस पूछताछ के लिए ले जाने के दौरान चेन्नई में डीएमके के कई सदस्य थाने पहुंच गए। इस दौरान पूर्व मंत्री पीके शेखर बाबू और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई।
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#WATCH | Tamil Nadu | Former Tamil Nadu School Education Minister Anbil Mahesh Poyyamozhi has been remanded in judicial custody till November 6 by the Madras High Court, presided over by Justice V. Lakshminarayanan, in connection with the alleged private school approval scam involving over 100 plus crore.
डीएमके कार्यकर्ताओं ने अनबिल महेश से मिलने की अनुमति मांगी, लेकिन पुलिस ने कहा कि वह निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर रही है। पार्टी सदस्यों ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान वकीलों को भी उनसे मिलने या साथ जाने की अनुमति नहीं दी गई।
शेखर बाबू ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई
पीके शेखर बाबू ने आरोप लगाया कि अनबिल महेश को अदालत में पेश करने के बजाय पहले अस्पताल और फिर पुलिस आयुक्त कार्यालय ले जाया गया, जबकि सुनवाई के लिए न्यायाधीश इंतजार कर रहे थे।
उन्होंने गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। शेखर बाबू के मुताबिक, अनबिल महेश पहले ही पुलिस की करीब सात घंटे की पूछताछ में सहयोग कर चुके थे।
मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेशी
पूछताछ के बाद अनबिल महेश को मेडिकल जांच के लिए राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल ले जाया गया। शेखर बाबू भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इसके बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी और उन्हें 6 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। कथित घोटाले की जांच जारी है।