सुप्रीम कोर्ट आज तय करेगा कि महिला एवं उसकी नाबालिग बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी व यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को अंतरिम जमानत देना सही है या नहीं। अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
दरअसल, प्रजापति को दो महीने के लिए अंतरिम जमानत देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
21 सितंबर को जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की पीठ ने 3 सितंबर के हाईकोर्ट के उस आदेश को स्थगित कर दिया था, जिसमें गायत्री प्रजापति को चिकित्सकीय आधार पर दो महीने के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान यूपी सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने पीठ से कहा कि प्रजापति को न्यायिक हिरासत में उचित इलाज दिया जा रहा है।